भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2026 विश्व कप में शानदार जज्बे के साथ अपना अभियान आगे बढ़ाया। टीम ग्रुप चरण में अजेय रही, लेकिन दूसरे दौर में कड़े मुकाबले के बाद मामूली अंतर से सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गई।
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को एक पारी और 51 रन से करारी शिकस्त दी। मिचेल स्टार्क और ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण ने महज दो दिनों में मैच पर पूरी तरह दबदबा बनाया।
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में 165 रन की जीत ने भारत की WTC फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया है, लेकिन क्वालीफाई करने के लिए उसे अपने बाकी आठ मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना होगा।
बांग्लादेश ने डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज की। इस शानदार जीत में बांग्लादेश के गेंदबाजों के दबदबे और बल्लेबाजों के अहम योगदान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत ने ग्लासगो समापन समारोह के दौरान आधिकारिक रूप से राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज प्राप्त किया, क्योंकि अहमदाबाद ऐतिहासिक 2030 शताब्दी संस्करण की मेजबानी के लिए तैयार है। भारत ने 39 पदकों के साथ प्रतियोगिता का समापन चौथे स्थान पर रहकर किया।
भारत ने ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का समापन 39 पदकों के साथ किया। बॉक्सिंग, जूडो और पैरा स्पोर्ट्स में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भारत के ऐतिहासिक अभियान को खास बना दिया।
अंकुश पंघाल ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड के शित्तू को 4-1 से हराया और राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के लिए पुरुषों की 80 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।
साक्षी चौधरी ने महिलाओं की 51 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में शानदार 5-0 की जीत दर्ज कर अपना पहला राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक हासिल किया। इस जीत के साथ उन्होंने ग्लासगो 2026 में भारत को नौवां स्वर्ण पदक दिलाया।
प्रीति पवार ने स्कारलेट डेलगाडो को हराकर महिलाओं की 54 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता, जिससे ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के खाते में छठा स्वर्ण पदक जुड़ गया।