स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर लंबे समय से जारी नाकाबंदी के बावजूद भारत ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से अपने प्रमुख जहाजों की आवाजाही जारी रखी है। इससे क्षेत्रीय तनाव के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा बनी रही और तेल, गैस सहित आवश्यक आपूर्तियों का प्रवाह प्रभावित नहीं हुआ।
चेल्याबिंस्क क्षुद्रग्रह विस्फोट में लगभग 1,500 लोग घायल हुए और इसने टकराव से पहले खतरनाक अंतरिक्षीय वस्तुओं का पता लगाने की पृथ्वी की क्षमता में मौजूद बड़ी कमियों को उजागर कर दिया।
34 वर्षों के बाद स्पिरिट एयरलाइंस ने अपना संचालन बंद कर दिया, क्योंकि ईरान युद्ध से जुड़ी बढ़ती ईंधन कीमतों ने इस बजट एयरलाइन को आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने पर भारत सरकार ने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरों को एलपीजी से पीएनजी पर स्विच करने के लिए प्रेरित किया है।
ईरान युद्ध के बीच क़ेश्म द्वीप एक रणनीतिक केंद्र बन गया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच को नियंत्रित करता है और वैश्विक तेल व्यापार को प्रभावित करता है।
ब्लू स्पैरो मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और तेहरान में दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी मारे गए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेज़ी से बढ़ गया।
अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।