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डार्विन टेस्ट में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर चौंकाया
बांग्लादेश ने डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज की। इस शानदार जीत में बांग्लादेश के गेंदबाजों के दबदबे और बल्लेबाजों के अहम योगदान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डार्विन में खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से करारी शिकस्त दी। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बांग्लादेश की यह अब तक की सबसे बड़ी चौंकाने वाली जीतों में से एक है।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम बांग्लादेश के गेंदबाजों के सामने 198 रन पर ऑलआउट हो गई। महमूद हसन ने 17 ओवर में 55 रन देकर छह विकेट लिए और गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की। वहीं तस्कीन अहमद ने 16 ओवर में 55 रन देकर दो विकेट और एबादोत हुसैन ने 11 ओवर में 39 रन देकर दो विकेट लिए। इस तिकड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

जवाब में बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 426 रन बनाए। तंजीद हसन ने शानदार शतक लगाया, जबकि नजमुल हुसैन शांतो और मेहदी हसन मिराज ने प्रभावशाली अर्धशतक जड़े।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समाप्त हो गई, जिससे चौथे दिन दोपहर बांग्लादेश को जीत के लिए केवल 57 रन का लक्ष्य मिला। मोमिनुल हक ने स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:36 बजे विजयी रन बनाया। मैच जल्दी खत्म होने के कारण बांग्लादेश के खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए पूरा एक दिन मिल गया।

बांग्लादेश ने ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया

बांग्लादेश के कुछ समर्थक भी जश्न में शामिल हुए। रविवार को लगभग खाली मरारा ओवल में उन्होंने जमकर शोर मचाया। यह जीत बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर उस मुश्किल साल के बाद जब राजनीतिक कारणों से टीम टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं ले सकी थी।

इन परेशानियों के बावजूद मार्च के बाद से बांग्लादेश के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ। आखिरकार उसकी प्रगति ने देश के टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक का रूप ले लिया।

महमूद हसन ने गेंदबाजी की अगुवाई की

हसन महमूद ने बांग्लादेश की सफलता में केंद्रीय भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे मैच में नौ विकेट लिए और लगातार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान किया। तंजीद हसन ने भी शानदार योगदान दिया और अपना पहला टेस्ट शतक बनाया। मेहदी हसन मिराज ने महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाया और बाद में पांच विकेट भी हासिल किए।

कप्तान नजमुल हुसैन शांतो भी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने महत्वपूर्ण रन बनाए और पूरे मैच में कप्तान के रूप में कई प्रभावी फैसले लिए। इन सभी प्रदर्शनों की बदौलत बांग्लादेश ने उस टीम को हरा दिया, जो मुकाबले में दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम के रूप में उतरी थी।

बांग्लादेश ने मुश्किल शुरुआत पर काबू पाया

टेस्ट से पहले बांग्लादेश के खराब प्रदर्शन को देखते हुए यह परिणाम और भी अप्रत्याशित था। मैच से सिर्फ एक सप्ताह पहले बांग्लादेश की टीम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ अभ्यास मैच में केवल 54 रन पर ऑलआउट हो गई थी।

इसके अलावा, बांग्लादेश इस टेस्ट सीरीज में अपने उभरते हुए तेज गेंदबाजी स्टार नाहिद राणा के बिना उतरा था। इन झटकों के बावजूद बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया दोनों पारियों में 300 रन से कम के स्कोर पर ऑलआउट हो गया।

बांग्लादेश की बल्लेबाजी इकाई ने भी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया। जो बल्लेबाजी क्रम सीरीज से पहले कमजोर नजर आ रहा था, उसने टेस्ट मैच के दौरान कहीं अधिक अनुशासन और धैर्य दिखाया।

मेहदी ने जीत की नींव रखी

बांग्लादेश की जीत की दिशा में बड़ा कदम तीसरे दिन दोपहर को उठाया गया, जब उसने ऑस्ट्रेलिया पर पहली पारी में 228 रन की बढ़त हासिल कर ली। चौथे दिन सुबह ऑस्ट्रेलिया अभी भी 67 रन पीछे था और उसके चार विकेट गिर चुके थे।

इसके बाद मेहदी हसन मिराज ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार डॉट गेंदें डालीं और रन बनाने की गति पर रोक लगा दी। आखिरकार एलेक्स कैरी ने गेंद को गलत लाइन पर खेलने की कोशिश की और 30 रन पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। उनके आउट होने से बांग्लादेश को वह मौका मिल गया, जिसकी उसे ऑस्ट्रेलिया पर और अधिक दबाव बनाने के लिए जरूरत थी।

मेहदी ने जल्द ही एक और विकेट हासिल किया। उनकी गेंद ब्यू वेबस्टर से दूर होती हुई ऑफ स्टंप पर जा लगी।

इसके बाद पैट कमिंस इनस्विंग गेंद पर अंदरूनी किनारा लगने के बाद शॉर्ट लेग पर कैच आउट हो गए। शादमान इस्लाम ने कैच पूरा किया।

ब्रेक के बाद बांग्लादेश ने आक्रमण जारी रखा। तस्कीन अहमद ने मिचेल स्टार्क को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

कैमरून ग्रीन ने संघर्ष किया

कैमरून ग्रीन ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे बड़ा प्रतिरोध किया। उन्होंने अपना तीसरा टेस्ट शतक पूरा किया और 104 रन बनाए। ग्रीन ने शानदार धैर्य दिखाया और लगभग पांच घंटे तक क्रीज पर टिके रहे। उन्होंने 201 गेंदों का सामना किया और अपनी लंबी पारी के दौरान केवल चार चौके लगाए।

ग्रीन ने दूसरे छोर से बेहद कम सहयोग मिलने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभालने की कोशिश की। एक समय उन्होंने तस्कीन अहमद की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से शानदार छक्का लगाया। अगली ही गेंद पर तस्कीन के पास उन्हें आउट करने का एक और मौका आया, लेकिन वह मुश्किल रिटर्न कैच नहीं पकड़ सके। ग्रीन की जुझारू पारी ने ऑस्ट्रेलिया को कुछ उम्मीद जरूर दी, लेकिन बांग्लादेश लगातार मौके बनाता रहा और दबाव बनाए रखा।

महमूद हसन ने खत्म किया काम

कप्तान शांतो ने पारी के महत्वपूर्ण चरण में हसन महमूद को दोबारा गेंदबाजी पर लगाया। महमूद ने जल्द ही अपने कप्तान को ग्रीन का विकेट लेकर इसका इनाम दिया। गेंद बल्लेबाज की ओर वापस आई और असामान्य रूप से नीची रही। ग्रीन के बल्ले का अंदरूनी किनारा लगा, लेकिन इसके बावजूद गेंद स्टंप्स पर जा लगी और उनकी जुझारू पारी समाप्त हो गई।

इस विकेट के साथ ही बांग्लादेश के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की ऑस्ट्रेलिया की उम्मीद लगभग खत्म हो गई। इसके बाद मेहदी हसन मिराज ने नाथन लायन को एलबीडब्ल्यू आउट कर ऑस्ट्रेलिया की पारी समाप्त कर दी। इस विकेट के साथ मेहदी ने विदेशी टेस्ट मैच में अपना तीसरा पांच विकेट हॉल और कुल मिलाकर 15वां पांच विकेट हॉल पूरा किया।

बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक परिणाम

बांग्लादेश को जीत के लिए आखिरकार केवल 57 रन की जरूरत थी। उसने नौ विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया, जो यह बताने के लिए पर्याप्त है कि उसने ऑस्ट्रेलिया पर कितनी पूरी तरह दबदबा बनाया।

इस जीत में पूरी टीम का योगदान रहा। हसन महमूद के नौ विकेट, तंजीद हसन का पहला टेस्ट शतक, मेहदी हसन मिराज का हरफनमौला प्रदर्शन और शांतो की कप्तानी ने मिलकर यह शानदार परिणाम दिया।

बांग्लादेश खराब अभ्यास मैच के प्रदर्शन और अपने प्रमुख युवा तेज गेंदबाजों में से एक की गैरमौजूदगी के बाद यहां पहुंचा था। इसके बावजूद उसने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 से कम रन पर आउट किया और बल्लेबाजी के दौरान भी धैर्य बनाए रखा।

नौ विकेट की यह जीत बांग्लादेश क्रिकेट में एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज होगी। इससे न केवल ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश को अपनी पहली टेस्ट जीत मिली, बल्कि यह भी साबित हुआ कि वह दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम को उसकी घरेलू जमीन पर चुनौती देकर हरा सकता है।

संक्षिप्त स्कोरकार्ड

ऑस्ट्रेलिया (AUS) पहली पारी: 198 (53)
स्टीव स्मिथ 71(109), जेक वेदराल्ड 23(37), ट्रैविस हेड 22(39);
हसन महमूद 6/55(17), एबादोत हुसैन 2/39(11)

बांग्लादेश (BAN) पहली पारी: 426 (138)
तंजीद हसन 101(197), नजमुल हुसैन शांतो 84(126), मेहदी हसन मिराज 65(154);
जोश हेजलवुड 6/89(28), मिचेल स्टार्क 2/79(26)

ऑस्ट्रेलिया (AUS) दूसरी पारी: 284 (95.1)
कैमरून ग्रीन 104(201), स्टीव स्मिथ 44(88), मार्नस लाबुशेन 31(59);
मेहदी हसन मिराज 5/66(33.1), हसन महमूद 3/56(19)

बांग्लादेश (BAN) दूसरी पारी: 57/1 (14.2)
मोमिनुल हक 30*(39), शादमान इस्लाम 25*(42), तंजीद हसन 0(5);
जोश हेजलवुड 1/5(3), ब्यू वेबस्टर 0/12(2.2)

प्लेयर ऑफ द मैच: हसन महमूद

डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर बांग्लादेश ने हाल के टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को अंजाम दिया। यह जीत ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है और उसका केवल तीसरा प्रयास था।

यह परिणाम इसलिए और भी उल्लेखनीय है क्योंकि बांग्लादेश ने 23 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच नहीं खेला था। उसने इससे पहले नौ साल पहले घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैच में हराया था, लेकिन इस बार उसका प्रदर्शन कहीं अधिक प्रभावशाली रहा। दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश ने पूरी तरह पछाड़ दिया और बल्ले तथा गेंद दोनों से मैच के महत्वपूर्ण क्षणों पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। नियमित अपडेट के लिए JUSZNEWS के साथ जुड़े रहें!