भारत ने गॉले में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर अपने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अभियान को बड़ी मजबूती दी है। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि 2025-27 WTC चक्र की मुश्किल शुरुआत के बाद भारत दबाव में इस दो टेस्ट मैचों की सीरीज में उतरा था।
इस नतीजे के बाद भारत का अंक प्रतिशत 48.14% से बढ़कर 53.33% हो गया। हालांकि, गॉले में जीत के बाद भी भारत अंक तालिका में पांचवें स्थान पर बना हुआ है। उसने 10 टेस्ट से 64 अंक हासिल किए हैं, जिसमें पांच जीत, चार हार और एक ड्रॉ शामिल है।
इस जीत ने भारत की क्वालीफिकेशन की उम्मीदों को जिंदा रखा है, लेकिन उसकी WTC समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब केवल आठ टेस्ट बाकी हैं और भारत को चक्र के बाकी हिस्से में बेहद सफल प्रदर्शन करना होगा।
गॉले में भारत का श्रीलंका पर दबदबा
भारत ने गॉले इंटरनेशनल स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मेहमान टीम ने पहली पारी में 462 रन का मजबूत स्कोर बनाया।
देवदत्त पडिक्कल ने मैच की सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 230 गेंदों पर शानदार 167 रन बनाए और भारत को मजबूत आधार दिया। केएल राहुल ने भी 82 रन बनाए, जबकि ध्रुव जुरेल ने उपयोगी अर्धशतक लगाया।
जवाब में श्रीलंका संघर्ष करता नजर आया, लेकिन सोनल दिनुषा और निरोशन डिकवेला की महत्वपूर्ण साझेदारी ने टीम को और बड़े पतन से बचाया। दिनुषा ने 100 रन बनाए, जबकि डिकवेला ने 80 रन बनाए। श्रीलंका अंततः 284 रन पर ऑलआउट हुआ, जिससे भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिली।
इसके बाद भारत ने दूसरी पारी में भी आक्रमण जारी रखा। ऋषभ पंत ने तेजी से 66 रन बनाए, जबकि पडिक्कल ने 44 रन जोड़े। भारत ने 193 रन पर पारी घोषित कर श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा।
श्रीलंका लक्ष्य का पीछा पूरा नहीं कर सका। मेजबान टीम 206 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 165 रन से शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
मानव सुथार बने मैच विजेता
भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बातों में से एक बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार का प्रदर्शन रहा। युवा स्पिनर ने श्रीलंका के प्रतिरोध को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए, जिसमें पहली पारी में 76 रन देकर चार विकेट शामिल थे। रवींद्र जडेजा ने भी तीन विकेट लेकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सुथार का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि भारत इस सीरीज में जसप्रीत बुमराह के बिना उतरा था। दौरे से पहले कप्तान शुभमन गिल ने भी WTC चक्र में भारत के मुश्किल परिणामों के बाद श्रीलंका में अधिकतम अंक हासिल करने के महत्व को स्वीकार किया था।
भारत के कितने टेस्ट बाकी हैं?
मौजूदा WTC चक्र में भारत के आठ टेस्ट बाकी हैं।
कार्यक्रम इस प्रकार है:
1 टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ — कोलंबो
2 टेस्ट न्यूजीलैंड के खिलाफ — न्यूजीलैंड
5 टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ — भारत
इसलिए मौजूदा श्रीलंका सीरीज में भारत का एक टेस्ट बाकी है, जिसके बाद न्यूजीलैंड का दो टेस्ट का दौरा होगा। उसका अंतिम अभियान जनवरी 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की घरेलू सीरीज होगी।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज भारत के क्वालीफिकेशन अभियान में सबसे बड़ा कारक साबित हो सकती है।
छह या सात और जीत भारत को दावेदारी में ला सकती हैं
गॉले की जीत ने गणितीय स्थिति को कुछ स्पष्ट कर दिया है। भारत के पास अब 10 टेस्ट से 64 अंक हैं। आठ मैच बाकी होने के कारण उसके पास अभी 96 अंक उपलब्ध हैं। 60% तक पहुंचने के लिए भारत को 66 और अंक हासिल करने होंगे।
एक संभावित रास्ता छह जीत और एक ड्रॉ है, जिससे भारत 64.81% तक पहुंच जाएगा। छह जीत और दो हार की स्थिति में भारत 62.96% पर रहेगा, जिसका मतलब होगा कि उसकी क्वालीफिकेशन काफी हद तक अन्य परिणामों पर निर्भर करेगी।
सात जीत और एक हार का रिकॉर्ड भारत को 68.52% तक पहुंचा देगा। वहीं, आठ में से आठ जीतने पर उसका प्रतिशत 74.07% हो जाएगा।
इसलिए भारत को बाकी लगभग हर टेस्ट को जीतना बेहद जरूरी मुकाबला मानकर खेलना होगा।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण
कोलंबो में होने वाला दूसरा टेस्ट भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण अवसर है।
सीरीज में क्लीन स्वीप से श्रीलंका के खिलाफ भारत को कुल 24 अंक मिलेंगे और मुश्किल न्यूजीलैंड दौरे से पहले उसकी स्थिति और मजबूत होगी। हालांकि, ड्रॉ या हार से गॉले की जीत का फायदा कम हो जाएगा।
भारत को न्यूजीलैंड सीरीज में भी सावधान रहना होगा। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां आमतौर पर विदेशी टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं और हाल के वर्षों में भारत को वहां संघर्ष करना पड़ा है।
इसके बाद भारत घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज खेलेगा। भारत के पास घरेलू परिस्थितियों का फायदा होगा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया फिलहाल WTC की प्रमुख दावेदार टीमों में शामिल है। इसलिए यह सीरीज दोनों टीमों के क्वालीफिकेशन अभियान पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।