वॉशिंगटन के एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के पास गोली चलने की आवाज के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष अधिकारियों को तुरंत बाहर निकाला, जिससे बॉलरूम के अंदर अफरा-तफरी मच गई।
भारतीय-अमेरिकी विधायकों ने डोनाल्ड ट्रंप की भारत और प्रवासियों पर की गई टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें नस्लवादी बताया और कहा कि यह अमेरिकी मूल्यों की गलत समझ को दर्शाता है।
पेंटागन के एक ईमेल में खुलासा हुआ है कि अमेरिका NATO सहयोगियों पर दबाव बनाने की योजना पर विचार कर रहा है, जिसमें स्पेन के खिलाफ संभावित कार्रवाई भी शामिल है। यह कदम ईरान संघर्ष में समर्थन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत से इनकार कर दिया है, जबकि इस्लामाबाद में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अब्बास अराघची मध्यस्थता प्रयासों के तहत पाकिस्तान पहुंचे हैं, वहीं वॉशिंगटन ने संभावित ईरानी प्रस्ताव के संकेत दिए हैं।
रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस ने रोसकोम्नादज़ोर के अधिकारियों पर नियोजित हत्या के प्रयास को विफल कर दिया। इस बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान में संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और हथियार बरामद किए गए।
अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि उसका तेल भंडारण लगभग अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुका है। इस स्थिति ने उसे पुराने तेल टैंकरों का दोबारा उपयोग करने के लिए मजबूर कर दिया है और जल्द ही उत्पादन में कटौती पर विचार करने की नौबत आ सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के लिए किसी भी तय समयसीमा से इनकार किया है और कहा है कि मिडटर्म चुनावों का उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। युद्धविराम जारी रहने के बीच उन्होंने संकेत दिया कि नई वार्ता की संभावना बन रही है।
अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए ईरान के तेल निर्यात को रोककर उसे बातचीत के लिए मजबूर करना चाहता है, जबकि युद्धविराम जारी रहने के बावजूद तनाव बना हुआ है।
बातचीत ठप पड़ने के बावजूद पाकिस्तान के अनुरोध पर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम अनिश्चित काल तक बढ़ा दिया, जबकि अमेरिकी नाकेबंदी और असफल वार्ताओं को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है।