फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एफ मुकाबले में जापान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए नीदरलैंड के खिलाफ 2-2 की महत्वपूर्ण बराबरी हासिल की। ‘समुराई ब्लू’ ने दो बार पिछड़ने के बावजूद वापसी की और मैच के अंतिम क्षणों में किए गए नाटकीय गोल की बदौलत एक अहम अंक अपने नाम किया।
डलास स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला शुरुआत में काफी संतुलित और सतर्क रहा, लेकिन दूसरे हाफ में यह एक रोमांचक संघर्ष में बदल गया, जहां दोनों टीमों ने खुले अंदाज में आक्रमण करते हुए कई मौके बनाए।
पहला हाफ गोलरहित रहा
शुरुआती 45 मिनट में आक्रामक खेल से ज्यादा रणनीतिक अनुशासन देखने को मिला। नीदरलैंड ने मिडफील्डर फ्रेंकी डी योंग और रायन ग्रावेनबर्ख की मदद से लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा। दोनों खिलाड़ियों ने खेल की गति नियंत्रित की और अपनी टीम को मैच पर नियंत्रण दिलाया।
हालांकि, जापान की रक्षापंक्ति बेहद संगठित रही और उसने डच टीम को स्पष्ट अवसर बनाने से रोके रखा। नीदरलैंड के फॉरवर्ड कोडी गाक्पो और डोन्येल मालेन जापान की मजबूत रक्षात्मक संरचना के सामने जगह बनाने में संघर्ष करते रहे।
अधिक गेंद पर कब्जा होने के बावजूद नीदरलैंड पहले हाफ में गोल नहीं कर सका और दोनों टीमें 0-0 की बराबरी के साथ ब्रेक पर गईं।
दूसरे हाफ में आया रोमांच
दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही मुकाबले का रंग पूरी तरह बदल गया। दोनों टीमों ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और खेल एक छोर से दूसरे छोर तक तेज़ गति से चलता रहा।
आखिरकार नीदरलैंड ने जापान की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदते हुए बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी क्योंकि जापान ने आक्रामक खेल दिखाते हुए जल्द ही बराबरी का गोल दाग दिया।
इसके बाद पूरे दूसरे हाफ में मैच का पलड़ा लगातार बदलता रहा और दोनों टीमें जीत का गोल तलाशती रहीं।
नीदरलैंड ने फिर बनाई बढ़त
मुकाबले के अंतिम चरण में नीदरलैंड ने दूसरा गोल कर स्कोर 2-1 कर लिया। इस गोल के बाद डच कोच रोनाल्ड कोमान को लगने लगा कि उनकी टीम तीनों अंक हासिल कर लेगी।
बढ़त को सुरक्षित रखने के लिए कोमान ने अंतिम मिनटों में मिडफील्डर रायन ग्रावेनबर्ख की जगह डिफेंडर नाथन आके को मैदान में उतारा ताकि रक्षापंक्ति को और मजबूत किया जा सके।
कामादा ने किया आखिरी मिनट में बराबरी का गोल
जापान ने हार नहीं मानी और लगातार आक्रमण जारी रखा। 89वें मिनट में उसकी मेहनत रंग लाई जब टीम को एक कॉर्नर किक मिली। पेनल्टी क्षेत्र में आई गेंद दाइची कामादा तक पहुंची। मिडफील्डर ने ऊंची छलांग लगाते हुए डिफेंडरों को पीछे छोड़ा और शानदार हेडर लगाया।
गेंद डच गोलकीपर बार्ट वेरब्रुगेन की पहुंच से बाहर शीर्ष दाएं कोने में जा समाई। इस गोल ने स्कोर 2-2 कर दिया और जापानी खिलाड़ियों व समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया।
अतिरिक्त समय में भी बना रहा रोमांच
कामादा के गोल के बाद भी रोमांच खत्म नहीं हुआ। इंजरी टाइम के छह मिनटों में दोनों टीमें जीत का गोल खोजती रहीं। नीदरलैंड जीत के बेहद करीब पहुंच गया था जब ट्यून कूपमाइनर्स ने हेडर लगाया, लेकिन उनकी कोशिश मामूली अंतर से गोलपोस्ट के बाहर निकल गई।
जापान ने अंतिम मिनटों में मजबूती से रक्षा की और टेक्सास से एक महत्वपूर्ण अंक हासिल करने में सफल रहा।
दोनों टीमों के लिए अहम अंक
इस ड्रॉ के साथ दोनों टीमों ने अपने ग्रुप एफ अभियान की शुरुआत एक-एक अंक के साथ की। हालांकि, जापान इस परिणाम से ज्यादा संतुष्ट होगा क्योंकि उसने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की।
नीदरलैंड ने मैच के बड़े हिस्से में नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन वह अपनी बढ़त को जीत में नहीं बदल सका। दूसरी ओर, जापान ने साहस, दृढ़ संकल्प और आक्रामक सोच का शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप के इस रोमांचक मुकाबले में अंक साझा करने का हकदार प्रदर्शन किया।
