रविवार को जर्मनी ने अपने फीफा विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पदार्पण कर रही कुरासाओ को 7-1 से करारी शिकस्त दी। हालांकि, स्कोरलाइन पूरी कहानी नहीं बताती। कैरेबियाई देश ने अपने पहले विश्व कप मैच में यादगार प्रदर्शन किया और फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपना पहला गोल दागकर इतिहास रच दिया।
करीब 37 मिनट तक कुरासाओ ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को कड़ी टक्कर दी और यहां तक कि बड़े उलटफेर की उम्मीद भी जगा दी, लेकिन अंततः जर्मनी की बेहतर गुणवत्ता और अनुभव ने मुकाबले का रुख बदल दिया।
पहले विश्व कप मुकाबले में कुरासाओ ने रचा इतिहास
कुरासाओ फीफा विश्व कप में खेलने वाला अब तक का सबसे छोटा देश बनकर टूर्नामेंट में पहुंचा था। टूर्नामेंट की दिग्गज टीमों में से एक जर्मनी का सामना करने के बावजूद उसने शुरुआत से ही आत्मविश्वास और जुझारूपन का परिचय दिया। मैच के छठे मिनट में फेलिक्स नमेचा ने गोल दागकर जर्मनी को शुरुआती बढ़त दिलाई।
लेकिन कुरासाओ ने शानदार जवाब दिया। 21वें मिनट में लिवानो कोमेनेंसिया ने इतिहास रच दिया। मिडफील्डर ने भीड़भाड़ वाले पेनल्टी क्षेत्र से बाएं पैर का सटीक शॉट लगाकर जर्मन गोलकीपर को छकाया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
यह फीफा विश्व कप में कुरासाओ का पहला गोल था और इसके साथ ही खिलाड़ियों व समर्थकों में जश्न की लहर दौड़ गई। अंडरडॉग टीम ने बराबरी के बाद अगले 17 मिनट तक जर्मनी को रोककर रखा और अनुशासन व ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन किया।
मैच के बाद कुरासाओ के विंगर जियरल मार्गरीथा ने इस ऐतिहासिक क्षण पर कहा, "भले ही गोल मैंने नहीं किया, लेकिन ऐसा लगा जैसे मैंने ही किया हो। यह हम सभी का, पूरे द्वीप का और हर व्यक्ति का पल था।"
"हम खुशी से चिल्ला उठे थे। हम बेहद खुश थे।"
हाफ टाइम से पहले जर्मनी ने संभाली कमान
आखिरकार जर्मनी ने कुरासाओ की मजबूत रक्षापंक्ति को भेद दिया।
38वें मिनट में नाथानिएल ब्राउन के कॉर्नर पर डिफेंडर निको श्लोटरबेक ने शानदार हेडर लगाकर जर्मनी को फिर से बढ़त दिला दी। इस गोल ने कुरासाओ के प्रतिरोध को तोड़ दिया और मैच का रुख पूरी तरह जर्मनी की ओर मोड़ दिया।
हाफ टाइम से ठीक पहले फेलिक्स नमेचा ने पेनल्टी हासिल की। इंजरी टाइम में काई हैवर्ट्ज़ ने पेनल्टी को गोल में बदलकर जर्मनी को 3-1 की आरामदायक बढ़त दिला दी।
काई हैवर्ट्ज़ और जमाल मुसियाला ने दिखाया दम
दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही जर्मनी ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। 47वें मिनट में जमाल मुसियाला ने गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया और कुरासाओ की वापसी की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया।
68वें मिनट में नाथानिएल ब्राउन ने खुद भी गोल दागा और जर्मनी का पांचवां गोल किया। इसके बाद 78वें मिनट में डेनिज़ उंडाव ने एक और गोल जोड़ दिया। 88वें मिनट में काई हैवर्ट्ज़ ने अपना दूसरा गोल दागकर जर्मनी की 7-1 की शानदार जीत पर मुहर लगा दी और टीम को टूर्नामेंट की आदर्श शुरुआत दिलाई।
यूलियन नागेल्समान जीत से खुश
जर्मनी के मुख्य कोच यूलियन नागेल्समान ने इस बड़ी जीत पर संतोष जताया और कहा कि टीम को ऐसे परिणाम की जरूरत थी। उन्होंने कहा, "हमें इस तरह की प्रभावशाली जीत की जरूरत थी।"
"हमें आत्मविश्वास की जरूरत थी। आत्मविश्वास पहले भी था, लेकिन अब वह और बढ़ गया है।"
नागेल्समान ने माना कि कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ मुकाबले कभी-कभी मुश्किल हो जाते हैं क्योंकि अपेक्षाओं का दबाव अधिक होता है। उन्होंने कहा, "एक टीम पर बहुत ज्यादा उम्मीदें होती हैं और दूसरी टीम पर नहीं, इसलिए ऐसे मुकाबले थोड़े चुनौतीपूर्ण होते हैं।"
मजबूती से शुरू हुआ जर्मनी का सुधार अभियान
जर्मनी इस विश्व कप में रूस और कतर विश्व कप में ग्रुप चरण से बाहर होने की निराशा को पीछे छोड़कर अपनी प्रतिष्ठा फिर से स्थापित करने के लक्ष्य के साथ उतरा है।यह बड़ी जीत टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई और आगे आने वाली कठिन चुनौतियों के लिए सकारात्मक संकेत भी दे गई।
नागेल्समान ने कहा, "हमें प्रशंसकों को दिखाना होगा कि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं और हमें आत्मविश्वास बनाए रखना होगा।"
"हम इस मैच से पहले की तुलना में अब कहीं बेहतर स्थिति में हैं।"
मैनुअल नॉयर की वापसी
अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नॉयर ने लगभग दो वर्षों बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वापसी की। 68,021 दर्शकों से भरे एनआरजी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में नॉयर को ज्यादा काम नहीं करना पड़ा और उन्होंने पूरे मैच में केवल एक बचाव किया।
अब जर्मनी अपने अगले मुकाबले में टोरंटो में आइवरी कोस्ट का सामना करेगा, जबकि कुरासाओ इक्वाडोर के खिलाफ कैनसस सिटी में मैदान पर उतरेगा। भारी हार के बावजूद कुरासाओ अपने साथ एक ऐसा ऐतिहासिक पल लेकर मैदान से लौटा, जिसे देश के फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा—फीफा विश्व कप में उसका पहला गोल।
