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फीफा विश्व कप 2026: इरानकुंडा और मेटकाफे के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप के पहले मैच में तुर्किये को 2-0 से चौंकाया
नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफे के गोलों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने अपने विश्व कप अभियान के पहले मुकाबले में तुर्किये को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया, जबकि डेब्यू कर रहे गोलकीपर पैट्रिक बीच ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को फीफा विश्व कप 2026 के अपने ग्रुप डी के पहले मुकाबले में तुर्किये को 2-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। सॉकरूज़ ने अनुशासित रक्षात्मक प्रदर्शन किया और मिले मौकों का बेहतरीन फायदा उठाते हुए 24 साल बाद विश्व कप फाइनल्स में लौटी तुर्किये टीम की वापसी का उत्साह फीका कर दिया।

वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में बहुत कम लोगों को उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया तीन अंक हासिल कर पाएगा, लेकिन नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफे के गोलों के साथ-साथ गोलकीपर पैट्रिक बीच के शानदार प्रदर्शन ने टीम को टूर्नामेंट की अब तक की सबसे प्रभावशाली जीतों में से एक दिला दी।

ऑस्ट्रेलिया ने मौकों का उठाया पूरा फायदा

तुर्किये ने पूरे मैच में गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और कहीं ज्यादा मौके बनाए। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने रक्षात्मक रूप से शानदार संगठन दिखाया और विपक्षी टीम की गलतियों का फायदा उठाया।

सॉकरूज़ को आक्रमण के सीमित अवसर मिले, लेकिन उन्होंने गोल के सामने गज़ब की दक्षता दिखाई। उनके दो गोल तुर्किये जैसी मजबूत टीम को हराने के लिए काफी साबित हुए। यह विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की केवल पांचवीं जीत थी और इसके साथ ही टीम ग्रुप डी में मजबूत स्थिति में पहुंच गई।

डेब्यू मैच में चमके पैट्रिक बीच

मैच की सबसे बड़ी कहानियों में से एक युवा गोलकीपर पैट्रिक बीच का प्रदर्शन रहा। 22 वर्षीय गोलकीपर को अनुभवी मैट रयान की जगह चौंकाने वाले फैसले के तहत पहली बार प्रतिस्पर्धी मुकाबले में मौका दिया गया। बीच ने इस भरोसे को सही साबित करते हुए आठ शानदार बचाव किए, जो अब तक टूर्नामेंट में किसी भी गोलकीपर द्वारा किए गए सबसे अधिक सेव हैं।

उनका सबसे यादगार पल ऑस्ट्रेलिया के बढ़त हासिल करने के कुछ ही देर बाद आया। अब्दुलकेरिम बारदाकची ने गेंद को नियंत्रित कर लंबी दूरी से जोरदार शॉट लगाया, लेकिन बीच ने शानदार फिंगरटिप सेव करते हुए गेंद को पोस्ट से टकराने पर मजबूर कर दिया।

युवा गोलकीपर ने पूरे मैच में तुर्किये के खिलाड़ियों को निराश किया और ऑस्ट्रेलिया की क्लीन शीट बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

इरानकुंडा ने रचा इतिहास

तुर्किये ने मैच की शुरुआत दमदार अंदाज में की और युवा प्लेमेकर अर्दा गुलर के जरिए लगातार खतरा पैदा किया। उन्होंने शुरुआती मिनटों में ही बीच की परीक्षा ली।हालांकि पहला गोल ऑस्ट्रेलिया ने 27वें मिनट में किया।

पॉल ओकोन-एंग्स्टलर ने बाएं फ्लैंक में नेस्टोरी इरानकुंडा को शानदार पास दिया। वॉटफोर्ड के इस फॉरवर्ड ने अपनी रफ्तार का इस्तेमाल करते हुए डिफेंस को पीछे छोड़ा, अंदर की ओर कट किया और गोलकीपर उगुरकान चाकिर को छकाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

इस गोल के साथ इरानकुंडा फीफा विश्व कप में गोल करने वाले ऑस्ट्रेलिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।

कुछ ही मिनट बाद तुर्किये बराबरी के करीब पहुंचा, लेकिन बीच के शानदार बचाव ने बारदाकची को गोल करने से रोक दिया और ऑस्ट्रेलिया की बढ़त बरकरार रही।

गेंद पर कब्जा रहा तुर्किये का, लेकिन गोल नहीं कर सका

दूसरे हाफ में भी मैच का रुख लगभग वैसा ही रहा। तुर्किये ने 72 प्रतिशत समय गेंद अपने कब्जे में रखी और पूरे मैच में 30 शॉट लगाए, जबकि ऑस्ट्रेलिया को काफी कम अवसर मिले।

अर्दा गुलर अधिकांश तुर्किये हमलों के केंद्र में रहे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने मैदान के मध्य हिस्से को मजबूती से नियंत्रित रखा और तुर्किये को साफ मौके बनाने से रोका।सॉकरूज़ ने पूरे मुकाबले में शानदार डिफेंस किया और कुल 55 क्लियरेंस दर्ज किए, जिससे विपक्षी टीम लगातार दबाव के बावजूद गोल नहीं कर सकी।

मेटकाफे ने जीत पर लगाई मुहर

जब तुर्किये बराबरी की तलाश में आगे बढ़ रहा था, तब ऑस्ट्रेलिया ने एक और करारा झटका दिया। 75वें मिनट में कॉनर मेटकाफे ने एक ढीली गेंद पर कब्जा किया और लंबी दूरी से शॉट लगाने का फैसला किया। उनका नीचा और उछाल लेता हुआ शॉट गोलकीपर को चकमा देते हुए सीधे नेट में जा पहुंचा और ऑस्ट्रेलिया की बढ़त 2-0 कर दी।

इस गोल ने तुर्किये की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया और टोनी पोपोविच की टीम को यादगार जीत दिला दी।

आलोचकों को इरानकुंडा का जवाब

मैच के बाद इरानकुंडा ने खुलासा किया कि मुकाबले से पहले की गई टिप्पणियों ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को अतिरिक्त प्रेरणा दी थी। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए अतिरिक्त प्रेरणा थी। हमें पसंद नहीं है कि लोग हमारे बारे में गलत बातें करें, क्योंकि हम एक बेहतरीन टीम हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “लोग अक्सर हमें कम आंकते हैं और हमने आज उन्हें दिखा दिया कि हम खेल सकते हैं।”

“बेशक उनके पास गेंद ज्यादा थी, लेकिन गोल किसने किए? हमने गोल किए और साबित कर दिया कि हम फुटबॉल खेलना जानते हैं।” युवा फॉरवर्ड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपने आलोचकों को गलत साबित कर दिया।

पोपोविच ने टीम की सराहना की

ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच टोनी पोपोविच ने जीत के बाद खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “मुझे अपने स्टाफ पर गर्व है, जिन्होंने इस मैच के लिए बहुत मेहनत की। साइडलाइन पर भी हमने कुछ अच्छे फैसले लिए।”

“हमने खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने और उनका समर्थन करने की कोशिश की, और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।” उनकी रणनीति पूरी तरह सफल रही क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने दबाव को झेला और जवाबी हमलों में निर्णायक प्रहार किए।

तुर्किये के हाथ लगी निराशा

तुर्किये के कोच विन्सेन्ज़ो मोंटेला अपनी टीम के प्रदर्शन से निराश नजर आए। उन्होंने कहा, “हम बेहद दुखी हैं। हालांकि ग्रुप चरण में अभी वापसी का समय है।”

“हमारे पास 78 प्रतिशत गेंद का कब्जा था, लेकिन हम सटीक नहीं रहे। हम गोल करने के बहुत करीब पहुंचे, लेकिन यह बेहद कठिन साबित हुआ।” कई मौके बनाने के बावजूद तुर्किये अपनी बढ़त को गोल में नहीं बदल सका।

ग्रुप डी की तस्वीर हुई साफ

इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ग्रुप डी में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। पहले स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका है, जिसने अपने शुरुआती मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था।

अब 19 जून को सिएटल में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला ग्रुप की अंतिम स्थिति तय करने में बेहद अहम साबित हो सकता है।

वहीं, तुर्किये को 2002 में तीसरे स्थान पर रहने के बाद पहली बार विश्व कप में वापसी के अपने अभियान को बचाने के लिए जल्द ही वापसी करनी होगी। यदि उसे नॉकआउट चरण में पहुंचना है, तो अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।