कनाडा ने वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योग में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर, वर्कफोर्स विकास और नियमन पर केंद्रित “AI for All” नामक पांच वर्षीय रणनीति शुरू की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क के साथ अपने संबंधों में नरमी आने के संकेत दिए हैं। महीनों तक चले सार्वजनिक मतभेदों के बाद ट्रंप ने अरबपति उद्यमी को फिर से अपना दोस्त बताया और उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब भी उसके मिसाइल शस्त्रागार का लगभग 21 से 22 प्रतिशत हिस्सा बचा हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान शांति वार्ता गतिरोध में फंसी हुई है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और बाद में क़ेश्म द्वीप तथा गोरुक में स्थित रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
FBI ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर ISIS का समर्थन करने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए गतिविधियों का समन्वय करने और विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने वाले कथित ड्रोन हमलों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का आरोप है।
ईरानी सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने दावा किया कि ईरान ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। साथ ही उन्होंने अमेरिका से ईरान की 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी करने का आग्रह करते हुए इसे जारी वार्ताओं में भरोसे की एक महत्वपूर्ण परीक्षा बताया।
बहरीन ने अपने और कुवैत पर किए गए ईरान के ताज़ा मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। बहरीन के अनुसार, दोनों देशों ने ईरान द्वारा दागी गई सात मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बीच संभावित मुलाकात को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान से लेबनान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने साथ ही हिजबुल्लाह से अपील की कि इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच वह टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाए।
व्लादिमीर पुतिन ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रतिबंधों की धमकियां प्रभावी नहीं होंगी। उन्होंने रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत-रूस के बीच दशकों पुराने विश्वास-आधारित सहयोग और मजबूत साझेदारी को भी रेखांकित किया।