अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है। अमेरिका ने हमलों की एक नई लहर शुरू की, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाकर हमले किए। ताजा तनाव के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह जलमार्ग वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों पर हमला किया। इन ठिकानों में IRGC से जुड़े “वायु रक्षा स्थल, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधन और सुविधाएं, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताएं और संचार केंद्र” शामिल थे।
सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर IRGC के हालिया हमलों के प्रयासों के बाद ये हमले किए। कमांड ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों को निशाना बनाकर किए गए हमलों का भी हवाला दिया।
सेंट्रल कमांड ने X पर जारी एक बयान में कहा, “ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैन्यकर्मियों के खिलाफ IRGC द्वारा हाल में किए गए हमले के प्रयासों के बाद किए गए हैं।”
ईरान में नागरिकों के हताहत होने की खबर
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका के ताजा हमलों में नागरिक भी हताहत हुए हैं। सिरिक के कुहेस्तक इलाके में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। यह तटीय इलाका होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास स्थित है। मारे गए लोगों में चार साल का एक बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने एक प्रांतीय अधिकारी के हवाले से 68 लोगों के घायल होने की जानकारी दी। ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने इस घटना को हमलों की एक व्यापक श्रृंखला से जोड़ा। उन्होंने मिनाब, लामेर्ड और किश्म में पहले हुए हमलों का भी उल्लेख किया।
बघाई ने कहा, “इस क्रूरता को मिनाब, लामेर्ड, किश्म और अन्य जगहों पर पहले हुए अत्याचारों की श्रृंखला से अलग नहीं किया जा सकता, न ही उन सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों से, जिन्हें भ्रामक दलीलों के जरिए सही ठहराया गया।”
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश के जवाब में ये हमले किए। ट्रंप ने इन हमलों को अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के पहले के हमले से भी जोड़ा। उन्होंने ईरान को जवाबी हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो उसे अमेरिका की ओर से कहीं ज्यादा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास अमेरिका के ताजा हमलों का जवाब दिया, तो “देश का बहुत कम हिस्सा बचा रहेगा।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वॉशिंगटन का इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर “लगभग पूरा नियंत्रण” है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाला है। उन्होंने संघर्ष के प्रति अपनी रणनीति को “आर्थिक डी-डे” बताया।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अगर ईरान इस पूरी तरह जायज हमले का जवाब देता है, तो उस पर और भी अधिक कड़े और बड़े स्तर पर हमला किया जाएगा। लेकिन वह सबसे बड़ा हमला नहीं होगा। वह अभी इंतजार में है और जब वह खत्म होगा, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा बचा रहेगा।”
ईरान ने जवाबी हमले किए
इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ जवाबी हमले शुरू कर दिए। बुधवार को ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। ये हमले ईरानी अधिकारियों की उस चेतावनी के बाद हुए, जिसमें उन्होंने अमेरिकी हमलों के जवाब में “कड़ी सजा” देने का वादा किया था।
ईरान की प्रतिक्रिया उस हमले के बाद भी आई, जिसमें ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार एक शादी समारोह के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया। ईरानी समाचार आउटलेट तस्नीम ने बताया कि ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के बेस कैंप टिटिन को “भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमले” से निशाना बनाया।
ताजा हमलों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बेहद बढ़ गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य इस संघर्ष के केंद्र में बना हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने क्षेत्र में आगे और सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं को भी बढ़ा दिया है।