ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान पर फिर से हमला करने के लिए तैयार है। उन्होंने तेहरान पर मिसाइल और रडार प्रणालियों को दोबारा तैयार करने का आरोप लगाया और किसी भी तरह की आगे की जवाबी कार्रवाई के लिए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि यदि डोनाल्ड ट्रंप जून में हुए समझौता ज्ञापन के तहत की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हैं, तो तेहरान अमेरिका के साथ शांति समझौते को फिर से लागू करने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय तनाव और भारत-ईरान सहयोग को और विस्तार देने के तरीकों पर चर्चा की।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया, जिससे तनाव फिर बढ़ने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक में आपूर्ति व जहाजरानी के और बाधित होने की आशंका बढ़ गई।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पश्चिम एशिया के देशों से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने मुस्लिम देशों के बीच एकता और सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ ईरान में घरेलू उत्पादन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 45 टैंकरों को ब्लैकलिस्ट किया है, जिनमें भारतीय कंपनियों से जुड़े दो जहाज भी शामिल हैं, जिससे भारत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
ईरान का कहना है कि कई पड़ोसी देशों ने नई सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्थाओं पर चर्चा के लिए तेहरान से संपर्क किया है। इस बीच, ग़ालिबाफ़ ने अमेरिकी नीतियों की आलोचना करते हुए एक स्वतंत्र क्षेत्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य अमेरिकी क्षेत्र है। उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए यह बयान दिया, जबकि तेहरान की ओर से उनके दावे का कड़ा विरोध किया जा रहा है।
ईरान और ओमान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले निर्धारित शिपिंग मार्गों पर सहमति जताई है। यह समझौता जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच सुरक्षित वाणिज्यिक समुद्री यातायात बहाल करने की दिशा में संभावित कूटनीतिक रास्ता खोलता है।