ईरान और ओमान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले निर्धारित शिपिंग मार्गों पर सहमति जताई है। यह समझौता जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच सुरक्षित वाणिज्यिक समुद्री यातायात बहाल करने की दिशा में संभावित कूटनीतिक रास्ता खोलता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को हराने के बाद वह होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकते हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया में यूएसएस अब्राहम लिंकन की लंबे समय से जारी तैनाती का भी बचाव किया।
ईरान का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर ओमान के साथ समझौते के करीब है, लेकिन इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग को फिर से खोलने से पहले अमेरिका से व्यापक रियायतों की मांग कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकल्प लिया है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमले जारी रखेगा, जब तक तेहरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुवैत, होर्मुज जलडमरूमध्य और गाजा में नए हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा हमले रोकने के बाद ईरान ने फिर से बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया। करीब दो हफ्तों तक बढ़ते संघर्ष के बाद दोनों देशों ने कूटनीति का रास्ता अपनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और सैन्य विकल्प खुले रखे हुए है। यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन ने ईरानी ठिकानों पर लगातार 13वीं रात हमले किए हैं।
ईरान ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा हमलों की लगातार सातवीं रात के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया। इससे संघर्ष और गहरा गया है और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने की आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
ईरान का कहना है कि अमेरिका के हमलों में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई और कई प्रांतों में नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि वॉशिंगटन का कहना है कि इन हमलों का निशाना IRGC की सैन्य सुविधाएं थीं।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हमले किए। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है, हालांकि वॉशिंगटन ने कहा है कि कूटनीतिक बातचीत का विकल्प अभी भी खुला है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर एक और दौर के हवाई हमले पूरे किए, जबकि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए सैन्य हमले जारी रखे। वहीं, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर गहराते संकट ने पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।