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अमेरिका ने छठी रात भी ईरान पर हमले किए, ट्रंप ने कूटनीति का रास्ता खुला रखा
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हमले किए। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है, हालांकि वॉशिंगटन ने कहा है कि कूटनीतिक बातचीत का विकल्प अभी भी खुला है।

अमेरिका ने ईरान पर लगातार छठी रात हवाई हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों ने अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने कहा कि हालिया हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था। Centcom के अनुसार, यह अभियान "ईरानी सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने" के लिए चलाया गया।

कमांड ने यह भी पुष्टि की कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के दौरान अमेरिकी बलों ने एक जहाज पर चढ़कर कार्रवाई की।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास इलाकों पर हमले

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी मिसाइलों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास कई स्थानों को निशाना बनाया। इनमें क़ेश्म द्वीप के आसपास के इलाके, बंदर अब्बास और बुशेहर शामिल हैं, जहां ईरान के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक स्थित है।

ईरानी मीडिया ने यह भी बताया कि हमलों के दौरान हॉर्मोज़गान प्रांत में दो पुलों को निशाना बनाया गया। बीबीसी ने स्वतंत्र रूप से बंदर अब्बास के पश्चिम में स्थित एक पुल पर हुए हमले की पुष्टि की।

अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी कड़ी की

Centcom ने कहा कि अमेरिकी मरीन बलों ने ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा लागू की गई नाकाबंदी के तहत ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर चढ़कर कार्रवाई की। यह नाकाबंदी मंगलवार रात से शुरू हुई थी। कमांड ने यह भी कहा कि अमेरिकी बलों ने "नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदल दिया।"

Centcom के अनुसार, 13 अप्रैल से 18 जून के बीच ईरानी बंदरगाहों पर पहले लागू की गई नाकाबंदी के दौरान अमेरिकी बलों ने नौ जहाजों को निष्क्रिय किया था और 140 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला था।

व्हाइट हाउस ने कहा- ट्रंप अभी भी कूटनीति के पक्ष में

लगातार जारी सैन्य अभियानों के बावजूद व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने पत्रकारों से कहा, "जब वे अमेरिका से किए गए अपने वादों से पीछे हटेंगे तो राष्ट्रपति उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे। लेकिन वह उसी समय कूटनीति के लिए हमेशा खुले हैं।"

लेविट ने कहा कि ईरान ने संकेत दिया है कि वह अभी भी वॉशिंगटन के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है। उन्होंने आगे कहा, "हम उनसे बातचीत कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति उन्हें जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला करने की अनुमति नहीं देंगे और इसके लिए उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।"

हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। इससे पहले अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने प्रभावी रूप से इस जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था।

जलडमरूमध्य के लगातार बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

ईरान ने प्रतिकूल समझौते को खारिज किया

ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ऐसे किसी भी समझौते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जो तेहरान के हितों के अनुरूप न हो। उन्होंने सरकारी मीडिया से कहा कि ईरान के पास ऐसे किसी समझौते का पालन करने का "कोई कारण नहीं" है, जिससे देश को लाभ न मिले।

गालिबाफ ने यह भी कहा कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में "ईरानी व्यवस्थाओं" को बनाए रखने पर निर्भर करती है। ताजा सैन्य घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है, हालांकि दोनों पक्ष संभावित कूटनीतिक बातचीत के लिए रास्ता खुला रखने की बात भी कह रहे हैं।