एक महत्वपूर्ण शांति समझौते के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी है। इसके साथ ही समुद्री मार्गों तक पहुंच फिर से बहाल हो गई है और यह व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 24 भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, लेकिन जहाज में आग लगने के बाद सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब भी उसके मिसाइल शस्त्रागार का लगभग 21 से 22 प्रतिशत हिस्सा बचा हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान शांति वार्ता गतिरोध में फंसी हुई है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
भारत ने ओमान के पास भारतीय ध्वज वाले एक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में नागरिक समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों को लेकर चिंता जताई।
ईरान ने खाड़ी में ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी दी, जबकि खाड़ी और लेबनान मोर्चों पर बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें जल्द ही ईरान की ओर से प्रस्तावित शांति समझौते पर जवाब मिलने की उम्मीद है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और सैन्य झड़पें लगातार जारी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच गोलीबारी हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नाजुक युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।