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होर्मुज जलडमरूमध्य में झड़प के बाद अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संकट गहराया
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच गोलीबारी हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नाजुक युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।

पश्चिम एशिया में तनाव उस समय तेज़ी से बढ़ गया जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी हुई। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नाजुक युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया और दावा किया कि टकराव की शुरुआत दूसरी तरफ से हुई।

ताज़ा झड़पों ने इस आशंका को बढ़ा दिया कि पहले से कमजोर पड़ चुका युद्धविराम पूरी तरह टूट सकता है।

ट्रंप ने कहा, युद्धविराम अब भी कायम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात कहा कि हालिया सैन्य टकराव के बावजूद युद्धविराम अब भी लागू है। एबीसी न्यूज के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने इन हमलों को “सिर्फ एक लव ट्रैप” बताया।

बाद में ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेनाओं ने घटना में शामिल ईरानी इकाइयों को “पूरी तरह नष्ट” कर दिया। उन्होंने कहा कि इस टकराव में ईरानी छोटी नौकाएं और ड्रोन शामिल थे, जो “बहुत खूबसूरती से समुद्र में गिर गए, बिल्कुल ऐसे जैसे कोई तितली अपनी कब्र की ओर गिरती हो।”

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी चेतावनी भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि ईरान परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार करता है, तो अमेरिका और भी बड़े हमले करेगा।

ट्रंप ने लिखा, “जैसे हमने आज उन्हें फिर से खत्म किया, वैसे ही भविष्य में हम उन्हें और ज्यादा ताकत और हिंसा के साथ खत्म करेंगे, अगर उन्होंने जल्दी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए!”

शांति वार्ता के बीच हुई नई झड़प

होर्मुज जलडमरूमध्य में यह ताज़ा तनाव ऐसे समय पर सामने आया है जब ईरान संघर्ष समाप्त करने और परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने के उद्देश्य से अमेरिका समर्थित शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा था।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर तेजी से पड़ सकता है।

अमेरिका ने कहा, हमला ईरान ने शुरू किया

संयुक्त राज्य सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने “बिना उकसावे वाले ईरानी हमलों” के जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई की।

सेंटकॉम के अनुसार, गुरुवार देर रात अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक जहाज ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी ईरानी बलों ने उनकी ओर मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नौकाएं भेजीं।

बयान में कहा गया, “अमेरिका की किसी भी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।”

सेंटकॉम ने आगे कहा, “सेंटकॉम ने आने वाले खतरों को नष्ट कर दिया और अमेरिकी बलों पर हमला करने वाले ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, कमांड एवं कंट्रोल केंद्र और खुफिया, निगरानी एवं टोही ठिकाने शामिल थे।”

कमांड ने यह भी कहा, “सेंटकॉम तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और तैनात है।”

ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया

ईरान ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया और वॉशिंगटन पर पहले युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरानी तटीय जल से होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर जा रहे एक ईरानी टैंकर को निशाना बनाया।

ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी अनुवादित बयान में अधिकारी ने कहा, “आक्रामक, आतंकवादी और डाकू अमेरिकी सेना ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए एक ईरानी टैंकर को निशाना बनाया, जो ईरानी तटीय जल से आगे बढ़ रहा था।”

ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य और चाबहार बंदरगाह के दक्षिण में अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमला किया।

ईरानी बयान के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी जहाजों को “भारी नुकसान” पहुंचा।

युद्धविराम का भविष्य अनिश्चित

दिलचस्प बात यह रही कि सेंटकॉम के बयान में युद्धविराम समझौते का कोई सीधा उल्लेख नहीं था। यह अस्थायी युद्धविराम 8 अप्रैल को दो सप्ताह के लिए शुरू हुआ था, जिसे बाद में ट्रंप ने एकतरफा रूप से बढ़ा दिया था।

कूटनीतिक प्रयासों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जारी चर्चाओं के बावजूद, क्षेत्र में तनाव अब भी बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।