ईरान का कहना है कि अमेरिका के हमलों में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई और कई प्रांतों में नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि वॉशिंगटन का कहना है कि इन हमलों का निशाना IRGC की सैन्य सुविधाएं थीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच गोलीबारी हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नाजुक युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।
अयातोल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु ने ईरान के संकट को और गहरा कर दिया है तथा भारत के व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्र में उसकी प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।