ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए भारत ने एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए देश की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी पुष्टि की।
अयातुल्ला अली ख़ामेनेई, जिन्होंने 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्य किया था, 28 फरवरी को 86 वर्ष की आयु में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन मारे गए थे। अपने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए ईरान ने छह दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किए हैं।
भारत ने भेजा आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतिम संस्कार समारोह में भारत की भागीदारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन को तेहरान में आयोजित इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया है।
उन्होंने कहा, "जहाँ तक भारत सरकार का सवाल है, हमने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। हमारी ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा आज तेहरान में हैं। वे वहाँ ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।"
Tribute by Senior Representatives of the Government of India to the Martyred Leader of the Islamic Republic of Iran. pic.twitter.com/i6xMYpbU1V
— Iran in India (@Iran_in_India) July 3, 2026
तेहरान से पबित्रा मार्गेरिटा का संदेश
अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के बाद विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत ने सरकार और देशवासियों की ओर से ईरान के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने लिखा, "माननीय @GovernorBihar और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता ग्रैंड अयातुल्ला सैय्यद अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हमने भारत सरकार और देश की जनता की ओर से अपनी श्रद्धांजलि और सम्मान व्यक्त किया।"
उन्होंने अंतिम संस्कार समारोह की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
बिहार के राज्यपाल ने जताई संवेदना
समारोह के बाद बिहार राजभवन ने भी एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
राज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज तेहरान में विदेश राज्य मंत्री @PmargheritaBJP के साथ महामहिम ग्रैंड अयातुल्ला सैय्यद अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ भी व्यक्त कीं।"
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी शोक समारोह की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें सैयद अता हसनैन और पबित्रा मार्गेरिटा श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिखाई दिए।
अन्य भारतीय नेता भी हुए शामिल
ईरानी अधिकारियों के निमंत्रण पर कई अन्य भारतीय सार्वजनिक हस्तियाँ भी अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुईं। इनमें जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती भी शामिल थीं।
An honour for me to be here in Tehran to express my deepest condolences & solidarity on the martyrdom of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Sayyed Ali Khamenei- a revered leader who dared to stand against the tide & fought for the oppressed. pic.twitter.com/dyfRbNXhsr
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) July 3, 2026
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी कांग्रेस पार्टी की ओर से इस अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा, भारत के सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदायों के कई धार्मिक नेताओं ने भी समारोह में भाग लिया और ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईरान के विभिन्न शहरों में जारी रहेगी अंतिम यात्रा
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में मुख्य अंतिम यात्रा 6 जुलाई को निकाली जाएगी। इसके बाद 7 जुलाई को अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम पवित्र शहर क़ोम में आयोजित किए जाएंगे।
ईरानी अधिकारी 9 जुलाई को अयातुल्ला अली ख़ामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-ख़ाक करेंगे। इसके साथ ही छह दिनों तक चलने वाला राष्ट्रीय शोक समारोह भी समाप्त हो जाएगा।
