ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के लिए शनिवार से छह दिनों तक चलने वाले सार्वजनिक अंतिम संस्कार समारोह शुरू हो गए। ये समारोह ईरान के कई शहरों में आयोजित किए जाएंगे और दफन से पहले इराक भी ले जाए जाएंगे। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में तेहरान में 1.5 से 2 करोड़ लोग इन कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।
ख़ामेनेई ने 1989 से 86 वर्ष की आयु में अपनी मृत्यु तक इस्लामी गणराज्य ईरान का नेतृत्व किया। उनकी मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन हुई थी।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता पर टिकी निगाहें
अंतिम संस्कार समारोह पर लोगों की नज़र एक और कारण से भी है। वे यह देखना चाहते हैं कि ख़ामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा ख़ामेनेई पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई देंगे या नहीं। ईरान ने उनके पिता की मृत्यु के एक सप्ताह बाद मोजतबा ख़ामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया था। हालांकि, पद संभालने के बाद से वे अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
शुक्रवार शाम तक सैकड़ों समर्थक तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला धार्मिक परिसर के बाहर इकट्ठा हो चुके थे। वे शनिवार सुबह स्थानीय समयानुसार 6 बजे परिसर के द्वार खुलने का पूरी रात इंतज़ार करते रहे।
ईरान और इराक से होकर गुज़रेगी अंतिम यात्रा
अधिकारियों ने शनिवार और रविवार को ख़ामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में रखा है, जहां हजारों लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। सोमवार को उनके ताबूत को तेहरान की सड़कों से भव्य अंतिम यात्रा के रूप में निकाला जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को राजधानी से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण स्थित पवित्र शिया शहर क़ोम ले जाया जाएगा, जहां मंगलवार को अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम जारी रहेंगे।
बुधवार को अधिकारियों द्वारा ख़ामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के करबला शहर ले जाया जाएगा। करबला में पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन का पवित्र मज़ार स्थित है। शिया मुसलमान इमाम हुसैन को त्याग और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में सम्मान देते हैं।
इसी दिन ख़ामेनेई के शासन के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की बरसी भी है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, उन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत हुई थी। करबला में कार्यक्रमों के बाद पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाया जाएगा और फिर देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद ले जाया जाएगा।
ट्रंप बोले- ईरान समझौता करना चाहता है
अंतिम संस्कार समारोह शुरू होने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया संघर्ष के बाद ईरान वॉशिंगटन के साथ समझौता करना चाहता है। उन्होंने कहा, "हमने ईरान को पूरी तरह झकझोर दिया। अब वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। वे किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहते हैं।"
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह का समय दिया क्योंकि हम अच्छे लोग हैं। यह सच है।"
इमाम रज़ा दरगाह में होगा दफन
ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अयातुल्ला अली ख़ामेनेई को मशहद स्थित इमाम रज़ा की दरगाह में दफनाया जाएगा। इमाम रज़ा शिया इस्लाम के आठवें इमाम माने जाते हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस दरगाह पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। एक हदीस के अनुसार, जो लोग दुखों से मुक्ति या अपने पापों की क्षमा की कामना लेकर इस दरगाह पर आते हैं, उन्हें सांत्वना और राहत प्राप्त होती है।
यह दरगाह कई प्रमुख शिया धर्मगुरुओं का अंतिम विश्राम स्थल भी है। वर्ष 2024 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को भी यहीं दफनाया गया था।
ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह पूरी दुनिया की निगाहों में बना हुआ है। इसे उनके लंबे शासन के अंत और ईरान के नए सर्वोच्च नेता के नेतृत्व में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
