ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की अपनी परिभाषा का विस्तार कर दिया है। तेहरान अब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को एक संकीर्ण समुद्री मार्ग के बजाय “विशाल परिचालन क्षेत्र” के रूप में वर्णित कर रहा है।
यह घोषणा ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना शाखा की ओर से की गई। यह कदम अमेरिका और इज़राइल से जुड़े महीनों से जारी संघर्ष के बाद खाड़ी क्षेत्र में बने तनाव के बीच आया है।
IRGC ने कहा—परिचालन क्षेत्र 10 गुना बढ़ा
IRGC नौसेना के उप राजनीतिक निदेशक मोहम्मद अकबरज़ादेह ने कहा कि ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य को होर्मुज और हेंगाम द्वीपों के आसपास के सीमित क्षेत्र के रूप में नहीं देखता।
उन्होंने ईरानी समाचार एजेंसी फ़ार्स से कहा, “अतीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को होर्मुज और हेंगाम जैसे द्वीपों के आसपास के सीमित क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता था, लेकिन आज यह दृष्टिकोण बदल गया है।”
उन्होंने बताया कि नया परिचालन क्षेत्र अब पूर्व में जस्क बंदरगाह से लेकर पश्चिम में सीरी द्वीप तक फैला हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार इस क्षेत्र की प्रभावी चौड़ाई लगभग 32–48 किलोमीटर से बढ़कर 322–483 किलोमीटर हो गई है, यानी यह पहले से लगभग 10 गुना बड़ा हो गया है।
होर्मुज संघर्ष का बड़ा केंद्र बन गया
यह संकट तब तेज हुआ जब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए। इसके बाद तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी हितों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक बना दिया।
हालांकि अप्रैल में दोनों पक्षों ने नाजुक युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है। अमेरिका ने ईरानी शिपिंग पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान लगातार इस मार्ग को बंद करने की धमकी देता रहा है।
अब तेहरान इस क्षेत्र को सैन्य नियंत्रण वाले सुरक्षा क्षेत्र के रूप में पुनर्परिभाषित करने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।
Deputy Commander of the IRGC Navy: “The area of the Strait of Hormuz has become larger.”
— Iran Screenshot (@iranscreenshot) May 12, 2026
In the past, the Strait of Hormuz was defined as a limited area around islands such as Hormuz and Hengam. However, under the new plan, the operational scope of the Strait of Hormuz has… pic.twitter.com/vohPYmxlvO
होर्मुज का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का लगभग पांचवां हिस्सा रोजाना इसी संकरे मार्ग से गुजरता है।
भारत, सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देश ऊर्जा निर्यात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। यहां किसी भी तरह की बाधा कुछ ही घंटों में वैश्विक ईंधन कीमतों को बढ़ा सकती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड कथित तौर पर 72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर से अधिक पहुंच गया।
ईरान ने नया समुद्री नक्शा जारी किया
इस महीने की शुरुआत में IRGC ने एक नया समुद्री परिचालन क्षेत्र दर्शाने वाला नक्शा जारी किया था। इसमें दो “नियंत्रण रेखाएं” दिखाई गईं।
पश्चिमी सीमा ईरान के क़ेश्म द्वीप से UAE के उम्म अल क्वैन तक जाती है, जबकि पूर्वी सीमा ईरान के माउंट मोबारक से UAE के फ़ुजैरा तक फैली है। यह क्षेत्र ओमान और UAE के पास के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को भी शामिल करता है।
नक्शे में बंदर अब्बास और चाबहार जैसे प्रमुख ईरानी बंदरगाहों को भी दिखाया गया है। ईरानी मीडिया ने इसे “पूर्ण अर्धचंद्राकार क्षेत्र” बताया।
ईरान ने क्षेत्र की रक्षा की बात कही
अकबरज़ादेह ने कहा कि ईरान अपने क्षेत्र और जल की पूरी ताकत से रक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “जैसा कि पहले भी कहा गया है, हम खून देंगे लेकिन अपनी एक इंच जमीन नहीं देंगे। सशस्त्र सेनाएं देश की क्षेत्रीय अखंडता और जल की पूरी शक्ति से रक्षा करेंगी।”
ट्रंप ने ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ कहा
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में एक भाषण के दौरान इस जलमार्ग को लेकर मज़ाक किया। उन्होंने इसे संक्षेप में “स्ट्रेट ऑफ ट्रंप” कहा और फिर तुरंत सुधार करते हुए “होर्मुज” कहा।
ट्रंप ने कहा, “ईरान को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप—मेरा मतलब होर्मुज—को खोलना चाहिए।” उन्होंने मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “मेरे साथ कोई दुर्घटना नहीं होती।” यह बयान उनके उस पहले आदेश के बाद आया जिसमें उन्होंने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर “अमेरिका की खाड़ी” रखने की बात कही थी।
