भारत ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक या सामान्य समझौता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच हर जहाज को कूटनीतिक समन्वय के जरिए मामले-दर-मामला आधार पर इस मार्ग से गुजराया जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच वॉशिंगटन अब भारत जैसे देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने का आग्रह कर रहा है।
सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर एक टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करने के बाद सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचा। संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने के बाद यह भारत पहुंचने वाला पहला जहाज़ बन गया।