ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अपने सैन्य नियंत्रण के दावों का विस्तार किया है, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक तेल मार्गों में से एक को लेकर तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका और इज़राइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया टोल और ट्रांजिट अनुमति प्रणाली लागू की है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार और समुद्री शिपिंग मार्गों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान “पूरी तरह ढहने की स्थिति” में है और जारी तनाव तथा नाकेबंदी के बीच वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग कर रहा है।
भारत ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक या सामान्य समझौता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच हर जहाज को कूटनीतिक समन्वय के जरिए मामले-दर-मामला आधार पर इस मार्ग से गुजराया जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच वॉशिंगटन अब भारत जैसे देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने का आग्रह कर रहा है।
सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर एक टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करने के बाद सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचा। संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने के बाद यह भारत पहुंचने वाला पहला जहाज़ बन गया।