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अमेरिका-इज़राइल-ईरान तनाव के बावजूद भारत ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जारी रखी
बढ़ते तनाव के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य से भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।

भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बावजूद होरमुज़ जलडमरूमध्य से अपने जहाज भेजना जारी रखा है। 28 फरवरी से अब तक कम से कम आठ भारतीय-संबंधित जहाज इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजर चुके हैं। इसी दिन अमेरिका-इज़राइल के हमलों के बाद ईरान के साथ पूर्ण युद्ध की स्थिति पैदा हुई थी। इन जहाजों में शिवालिक, नंदा देवी, जग लाडकी, पाइन गैस, जग वसंत, BW टायर, BW एल्म और ग्रीन सानवी शामिल हैं। इन जहाजों ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में मदद की है।

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम मार्ग

होरमुज़ जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। कई देश अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस पर निर्भर हैं। भारत भी इस मार्ग का सबसे बड़ा उपयोग करने वाले देशों में से एक है और वह खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल आयात पर काफी निर्भर करता है।

ईरान ने भारतीय जहाजों को दी अनुमति

चल रहे संघर्ष के दौरान ईरान ने भारतीय जहाजों को इस जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। उसने भारत को मित्र देशों की सूची में शामिल किया है। वहीं ईरान ने कुछ अन्य देशों को चेतावनी देते हुए उनके लिए मार्ग सीमित कर दिया है और ड्रोन तथा मिसाइल हमलों की धमकी भी दी है।

ईरान ने भारत को सुरक्षा का भरोसा दिया

2 अप्रैल को ईरान ने भारत को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में उसके जहाज और हित सुरक्षित हैं। भारत में ईरान के आधिकारिक X अकाउंट ने लिखा,
“हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं।”

सऊदी अरब में स्थित ईरानी दूतावास ने भी इसी तरह का संदेश साझा किया। उसने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य का भविष्य केवल ईरान और ओमान तय करेंगे, और साथ ही दोहराया—“आप सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता न करें।”

महत्वपूर्ण ऊर्जा खेप बिना बाधा जारी

सबसे नया जहाज ग्रीन सानवी शुक्रवार रात सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य से गुजर गया। यह लगभग 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लेकर जा रहा था। इससे पहले 28 मार्च को 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी की एक और खेप गुजरात के जामनगर के वाडिनार टर्मिनल पर पहुंची थी।

इस बीच जहाज जग वसंत अब अपने कार्गो को दूसरे जहाज में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है, जो शिप-टू-शिप ऑपरेशन के जरिए किया जाएगा।

सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए

भारतीय सरकार क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों और नाविकों की स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि अधिकारी फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाजों की निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने पुष्टि की कि सभी नाविक सुरक्षित हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में 18 भारतीय जहाज और लगभग 485 नाविक मौजूद हैं। अब तक 964 से अधिक नाविकों को भारत वापस लाया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि देश भर के बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।