अमेरिका और ईरान के बीच ताज़ा सैन्य संघर्षों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से वाणिज्यिक शिपिंग की बहाली को बाधित कर दिया है। इससे वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ बढ़ गई हैं, जबकि शांति स्थापित करने के प्रयास भी जारी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने वाले जहाजों पर कोई टोल या शुल्क नहीं लगाया जाएगा। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से बंद करने की घोषणा की है और युद्धविराम अवधि समाप्त होने के बाद भविष्य में संभावित समुद्री शुल्क लागू करने के संकेत भी दिए हैं।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और बाद में क़ेश्म द्वीप तथा गोरुक में स्थित रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए ईरान के तेल निर्यात को रोककर उसे बातचीत के लिए मजबूर करना चाहता है, जबकि युद्धविराम जारी रहने के बावजूद तनाव बना हुआ है।
उच्च जोखिम वाले अभियान के दौरान भारी गोलीबारी के बीच अमेरिका ने ईरान में गिराए गए एफ-15ई लड़ाकू विमान के दूसरे क्रू सदस्य को सफलतापूर्वक बचा लिया। इस अभियान की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन संकल्प के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि भारत की ओर जा रहे व्यापारी जहाज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।