संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाओं पर “आत्मरक्षा” के तहत हमले किए, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते और अब्राहम समझौतों के विस्तार पर जोर देते रहे।
ईरान ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य, क्षेत्रीय तनाव और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी वार्ताओं में प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिका के साथ किसी तत्काल समझौते की संभावना फिलहाल नहीं है।
भारत में ईरानी दूतावास ने ईरान को लेकर मार्को रुबियो की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए अमेरिका और इज़राइल पर पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया, साथ ही तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और ऊर्जा नीतियों का बचाव किया।
ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौता तभी संभव है जब वाशिंगटन इस्लामाबाद में शुरू हो रही अहम वार्ता के दौरान इज़राइल के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दे।
नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप का मानना है कि सैन्य सफलताएं एक समझौते तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं, वहीं इज़राइल ईरान और लेबनान पर अपने हमले जारी रखे हुए है।