भारत में ईरानी दूतावास ने ईरान को लेकर मार्को रुबियो की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए अमेरिका और इज़राइल पर पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया, साथ ही तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और ऊर्जा नीतियों का बचाव किया।
ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौता तभी संभव है जब वाशिंगटन इस्लामाबाद में शुरू हो रही अहम वार्ता के दौरान इज़राइल के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दे।
नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप का मानना है कि सैन्य सफलताएं एक समझौते तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं, वहीं इज़राइल ईरान और लेबनान पर अपने हमले जारी रखे हुए है।