अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के आत्मसमर्पण की मांग की, जबकि ईरान ने सैन्य हमलों और समुद्री कार्रवाइयों के जरिए युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप अमेरिका पर लगाया।
ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच क्वाड देशों ने समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं पर मजबूत सहयोग का संकल्प लिया।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाओं पर “आत्मरक्षा” के तहत हमले किए, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते और अब्राहम समझौतों के विस्तार पर जोर देते रहे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार पश्चिम एशिया संकट के भारत के ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले प्रभाव पर करीबी नजर रख रही है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
ईरान ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य, क्षेत्रीय तनाव और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी वार्ताओं में प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिका के साथ किसी तत्काल समझौते की संभावना फिलहाल नहीं है।
भारत में ईरानी दूतावास ने ईरान को लेकर मार्को रुबियो की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए अमेरिका और इज़राइल पर पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया, साथ ही तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और ऊर्जा नीतियों का बचाव किया।
मार्को रुबियो ने ईरान की कथित योजना के खिलाफ चेतावनी दी, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य में पारगमन शुल्क लगाने की बात कही गई है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब समुद्री पहुंच और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई वार्ताओं के बाद युद्धविराम, प्रतिबंधों में राहत और नौवहन गारंटी वाले संभावित अमेरिका-ईरान समझौते की जल्द घोषणा की जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक समझौते के लिए अधिक समय देने की खाड़ी देशों के नेताओं की अपील के बाद ईरान पर प्रस्तावित अमेरिकी सैन्य हमले को टाल दिया।