ईरान ने युद्धविराम की अवधि के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से व्यावसायिक जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है, जबकि नौसैनिक प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका के साथ तनाव अभी भी जारी है।
अमेरिका ने उन प्रतिबंध छूटों को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है, जिनके तहत रूस और ईरान के तेल की सीमित खरीद की अनुमति दी गई थी। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत जैसे देशों पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में 8% से अधिक की तेज बढ़ोतरी हुई, जिससे वैश्विक आपूर्ति में बाधा पड़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ तीन दिन की चीन यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करना और स्पेन को चीन तथा यूरोप के बीच एक सेतु के रूप में स्थापित करना है।
अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की योजना बनाई है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका–ईरान संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश की, जबकि दोनों पक्ष अब भी प्रमुख मुद्दों पर सहमत नहीं हो पाए हैं।
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नौसैनिक नाकेबंदी का संकेत दिया, जिससे तनाव बढ़ गया है और युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता भी गहरी हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका “पहले ही जीत चुका है”, जबकि बातचीत जारी है और चीन के कथित समर्थन तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों को लेकर तनाव बढ़ रहा है।