अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के लिए किसी भी तय समयसीमा से इनकार किया है और कहा है कि मिडटर्म चुनावों का उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। युद्धविराम जारी रहने के बीच उन्होंने संकेत दिया कि नई वार्ता की संभावना बन रही है।
अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए ईरान के तेल निर्यात को रोककर उसे बातचीत के लिए मजबूर करना चाहता है, जबकि युद्धविराम जारी रहने के बावजूद तनाव बना हुआ है।
बातचीत ठप पड़ने के बावजूद पाकिस्तान के अनुरोध पर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम अनिश्चित काल तक बढ़ा दिया, जबकि अमेरिकी नाकेबंदी और असफल वार्ताओं को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है।
ट्रंप ने ईरान पर बार-बार युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया, जिससे शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव तेज हो गया है।
UAE के दूत ने कहा कि भारतीय इस देश का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान भारत और UAE के बीच मजबूत समन्वय को भी रेखांकित किया।
ईरान ने युद्धविराम की अवधि के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से व्यावसायिक जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है, जबकि नौसैनिक प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका के साथ तनाव अभी भी जारी है।
अमेरिका ने उन प्रतिबंध छूटों को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है, जिनके तहत रूस और ईरान के तेल की सीमित खरीद की अनुमति दी गई थी। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत जैसे देशों पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में 8% से अधिक की तेज बढ़ोतरी हुई, जिससे वैश्विक आपूर्ति में बाधा पड़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।