JUSZnews

NEWS WITHOUT INTERRUPTION

Subscribe
स्विट्जरलैंड वार्ता में प्रगति के बीच जेडी वांस को अमेरिका-ईरान युद्धविराम के कायम रहने का भरोसा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने विश्वास जताया है कि स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता के आगे बढ़ने के साथ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा। साथ ही, उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं की आलोचनाओं का जवाब देते हुए इस समझौते का बचाव भी किया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने शनिवार को विश्वास जताया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता अच्छी प्रगति कर रही है और इससे हालिया शांति समझौते को और मजबूती मिल सकती है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी और ईरानी अधिकारी तनाव कम करने और भविष्य के संबंधों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं।

स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति

फॉक्स न्यूज से बातचीत में वांस ने कहा कि अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने स्विट्जरलैंड में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ कई घंटे तक बैठक की। वांस के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने बातचीत को लेकर सकारात्मक जानकारी दी।

उन्होंने कहा, "मैंने आज सुबह स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर से बात की और उन्होंने बताया कि बातचीत अच्छी चल रही है।" ये वार्ताएं हालिया शांति समझौते को एक स्थायी कूटनीतिक ढांचे में बदलने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं।

जेडी वांस भी स्विट्जरलैंड वार्ता में हो सकते हैं शामिल

वांस ने कहा कि वह जल्द ही स्विट्जरलैंड जाकर अमेरिकी वार्ता दल में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में वह बातचीत में हिस्सा लेने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में मैं स्विट्जरलैंड में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो जाऊंगा।"

उनकी संभावित यात्रा इस बात को दर्शाती है कि वाशिंगटन इन वार्ताओं को कितना महत्व दे रहा है।

युद्धविराम को लेकर आश्वस्त हैं जेडी वांस

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह युद्धविराम के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। उन्होंने इस आशंका को खारिज किया कि समझौता जल्द ही टूट सकता है और कहा कि दोनों पक्षों के पास स्थिरता बनाए रखने के पर्याप्त कारण हैं। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि हम युद्धविराम को बनाए रख सकते हैं।"

कई महीनों के संघर्ष के बाद मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों में यह युद्धविराम एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

वैश्विक तेल व्यापार के लिए खुला है होर्मुज जलडमरूमध्य

वांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जारी तेल आपूर्ति को भी सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि गुरुवार को लगभग 1.6 करोड़ बैरल तेल इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से होकर गुजरा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार और ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

तेल का लगातार प्रवाह यह दर्शाता है कि हालिया क्षेत्रीय तनाव के बावजूद प्रमुख व्यापारिक मार्ग सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

रोजर विकर की आलोचना को जेडी वांस ने किया खारिज

वांस ने सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष और रिपब्लिकन सीनेटर रोजर विकर की आलोचना का भी जवाब दिया। विकर ने ईरान के साथ हुए समझौते के कुछ हिस्सों पर सवाल उठाए थे। हालांकि, वांस ने कहा कि सीनेटर समझौते के क्रम को सही तरीके से नहीं समझ पाए।

उन्होंने कहा, "वह इस मामले में गलत हैं क्योंकि उन्होंने MoU में कही गई बातों के क्रम को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।"

दीर्घकालिक अनुपालन से जुड़े हैं समझौते के लाभ

वांस ने जोर देकर कहा कि यह समझौता ईरान को तुरंत कोई लाभ नहीं देता। उन्होंने कहा कि भविष्य में मिलने वाले किसी भी लाभ को ईरान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं के पालन से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, "MoU में कहा गया है कि यदि ईरानी लंबे समय तक उचित व्यवहार करते हैं, तो उन्हें इस समझौते से मिलने वाले कुछ लाभ प्राप्त हो सकते हैं।"

वांस के अनुसार, किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ से पहले ईरान को लंबे समय तक सहयोग और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करना होगा।

ईरान समझौते की शर्तों का बचाव कर रहा है अमेरिकी प्रशासन

उपराष्ट्रपति की टिप्पणियां इस समझौते को लेकर आलोचकों को आश्वस्त करने के प्रशासन के प्रयासों को दर्शाती हैं। अमेरिकी अधिकारी लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि इस समझौते के तहत तेहरान को तत्काल कोई रियायत नहीं दी गई है। उनका कहना है कि भविष्य में मिलने वाली किसी भी राहत का आधार ईरान द्वारा समय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।

स्विट्जरलैंड में वार्ता जारी रहने के बीच वाशिंगटन और तेहरान दोनों ही युद्धविराम को बनाए रखने और अधिक स्थिर कूटनीतिक संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित करते दिखाई दे रहे हैं।