अमेरिका एक ऐसी योजना पर विचार कर रहा है जिसमें ईरान से जुड़ी संपत्तियों का उपयोग खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण में किया जा सकता है, जबकि जमी हुई धनराशि और जारी संघर्ष को लेकर बातचीत अब भी रुकी हुई है।
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और देश की अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा क्षेत्र पर बढ़ते दबाव के बीच भारतभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए संयुक्त राज्य अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिससे वार्ता की संभावनाएं बढ़ी हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव अब भी वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर रहा है।
अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि उसका तेल भंडारण लगभग अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुका है। इस स्थिति ने उसे पुराने तेल टैंकरों का दोबारा उपयोग करने के लिए मजबूर कर दिया है और जल्द ही उत्पादन में कटौती पर विचार करने की नौबत आ सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला बनाए रखने में मदद के लिए अपने युद्धपोत तैनात करने का आग्रह किया है। यह अपील ऐसे समय आई है जब मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं।