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अमेरिका और इजरायल पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया
अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित युद्धविराम उल्लंघनों का आरोप लगाते हुए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। साथ ही, तेहरान ने आगे और कदम उठाने की चेतावनी भी दी, हालांकि उसका वार्ता दल स्विट्जरलैंड में बातचीत फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

ईरान ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की और अमेरिका तथा इजरायल पर हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह फैसला उस शांति समझौते के कुछ ही दिनों बाद लिया गया, जिसका उद्देश्य कई हफ्तों से जारी संघर्ष को समाप्त करना था। इस कदम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों बंद किया?

ईरान के शीर्ष सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बंद करने की घोषणा की। सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने युद्धविराम समझौते के तहत किए गए वादों का उल्लंघन किया है। तेहरान ने इस कदम को कथित उल्लंघनों के खिलाफ सीधी प्रतिक्रिया बताया।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

तनाव जारी रहने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी

ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि जलडमरूमध्य को बंद करना उनकी प्रतिक्रिया की केवल शुरुआत है। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में सेना ने चेतावनी दी कि आगे के कदमों की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है।

बयान में कहा गया, "यदि आक्रामकता जारी रहती है, तो इसके बाद उठाए जाने वाले कदमों की योजना पहले ही बनाई जा चुकी है।"

अधिकारियों ने इस कार्रवाई को "पहला कदम" बताया और कहा कि यदि उनके अनुसार आक्रामकता जारी रही तो आगे और भी कदम उठाए जाएंगे। इस चेतावनी ने हालिया कूटनीतिक सफलता के बावजूद बढ़ते तनाव को उजागर किया।

ईरानी वार्ता दल अब भी स्विट्जरलैंड जाएगा

सैन्य घोषणा के बावजूद कूटनीतिक प्रयास जारी दिखाई दे रहे हैं। जलडमरूमध्य बंद होने की खबर आने के कुछ ही समय बाद ईरानी मीडिया ने बताया कि देश का वार्ता दल "आने वाले कुछ मिनटों में" स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होगा।

यह यात्रा मूल रूप से शुक्रवार के लिए निर्धारित थी, लेकिन बाद में स्थगित कर दी गई थी। प्रस्तावित यात्रा से संकेत मिलता है कि जमीनी स्तर पर बढ़ते तनाव के बावजूद तेहरान अब भी कूटनीतिक रास्ता अपनाने का प्रयास कर रहा है।

लेबनान में इजरायली हमलों से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

यह घटनाक्रम शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य हमलों के बाद सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में दो बच्चों सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।

ये हमले उस युद्धविराम समझौते के केवल एक दिन बाद हुए, जिस पर इजरायल और लेबनान ने सीमा पर संघर्ष कम करने के उद्देश्य से सहमति जताई थी। इस हिंसा ने यह चिंता बढ़ा दी है कि क्षेत्र में हुए युद्धविराम समझौते अभी भी बेहद नाजुक हैं और कभी भी टूट सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर पड़ेगा?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे रणनीतिक और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल और ऊर्जा निर्यात का बड़ा हिस्सा हर दिन इस संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।

यदि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, समुद्री परिवहन लागत बढ़ सकती है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा हो सकती है। इसी कारण दुनिया भर की सरकारें, व्यापारी और ऊर्जा कंपनियां इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के फैसले के बाद आगे क्या होगा?

ईरान के इस कदम ने पहले से ही तनावपूर्ण क्षेत्रीय स्थिति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। हालांकि स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक वार्ता जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसे लगता है कि युद्धविराम का उल्लंघन जारी है, तो वह आगे और कदम उठा सकता है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या बातचीत इस नाजुक शांति समझौते को बचा पाएगी या फिर क्षेत्र एक बार फिर बढ़ते टकराव और संघर्ष के दौर की ओर बढ़ेगा।