यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की बड़ी चुनावी जीत के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर तीव्र अंदरूनी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है।
संसद का तीन दिन का विशेष सत्र शुरू हो गया है, जिसमें केंद्र सरकार लोकसभा सीटों के विस्तार और चुनावी सीमाओं के पुनर्निर्धारण सहित बड़े संवैधानिक बदलावों को आगे बढ़ा रही है। इन प्रस्तावों को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
लोकसभा में उस समय तीखी बहस छिड़ गई जब किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर संसद को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। उन्होंने 2018 में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ हुई बहस में राहुल गांधी के ‘गले लगाने और आंख मारने’ वाले इशारे का भी जिक्र किया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने से इनकार किया, लेकिन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना के बाद राहुल गांधी के निलंबन और अयोग्यता की मांग करते हुए एक सब्स्टेंटिव मोशन पेश किया।
पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का उल्लेख करने को लेकर राहुल गांधी पर हुए विवाद के बाद विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन से लोकसभा में बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
भाजपा ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के स्वागत को छोड़कर राहुल गांधी से मिलने जाने पर कर्नाटक के शीर्ष कांग्रेस नेताओं की कड़ी आलोचना की और इसे गलत प्राथमिकताओं का मामला बताया।
संसद में चुनावी सुधारों पर गरमागरम बहस के दौरान अमित शाह और राहुल गांधी के बीच तीखी भिड़ंत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर मुद्दों से बचने का आरोप लगाया।