यायर लापिड ने उभरते हुए अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना करते हुए दावा किया है कि यह इज़राइल के युद्ध उद्देश्यों को पूरा करने में विफल है और यह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित मसौदा समझौते में परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, जमी हुई संपत्तियों की रिहाई और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह शांति समझौते को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू करेगा। इस बीच, अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना के एक गुप्त अभियान की मदद से 200 से अधिक वाणिज्यिक जहाज और 10 करोड़ (100 मिलियन) बैरल से अधिक तेल बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर सके।
अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस कार्रवाई के बाद तेहरान ने और अधिक सख्त जवाब देने की धमकी दी, जिससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच संघर्ष के और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 24 भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, लेकिन जहाज में आग लगने के बाद सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और बाद में क़ेश्म द्वीप तथा गोरुक में स्थित रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
बहरीन ने अपने और कुवैत पर किए गए ईरान के ताज़ा मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। बहरीन के अनुसार, दोनों देशों ने ईरान द्वारा दागी गई सात मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसमें ईरानी अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित न हो जाए। इस बीच परमाणु, सैन्य और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता ठप बनी हुई है।
ईरान ने कहा कि परमाणु वार्ताओं और समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच आईआरजीसी की सुरक्षा में 28 वाणिज्यिक जहाजों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया।