द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भारत अक्टूबर में होने वाली वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की बैठक के दौरान पाकिस्तान को दोबारा ग्रे लिस्ट में शामिल करने की मांग करेगा। नई दिल्ली का मानना है कि 2022 में सूची से हटाए जाने के बाद भी पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन जारी रखे हुए है। भारत अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए नए सबूत पेश करने की योजना बना रहा है।
भारत पेश करेगा नए सबूत
रिपोर्ट के अनुसार, भारत वीडियो सहित नए सबूत पेश करेगा, जिनसे यह दिखाने का प्रयास किया जाएगा कि पाकिस्तान अभी भी आतंकवाद का समर्थन कर रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये सबूत किस प्रकार के हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से कुछ सामग्री ऑपरेशन सिंदूर के बाद की गई जांच से प्राप्त हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अक्सर आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में शामिल होते रहे हैं। भारत इसे आतंकी संगठनों और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान के बीच करीबी संबंधों के प्रमाण के रूप में देखता है।
2022 में पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से हटाया गया था
FATF ने अक्टूबर 2022 में पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट से हटा दिया था। पाकिस्तान ने इस वैश्विक निगरानी संस्था को भरोसा दिलाया था कि उसने 34-सूत्रीय कार्य योजना को पूरा कर लिया है।
देश ने धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए कानूनी सुधार किए और अपनी व्यवस्थाओं को मजबूत किया था।
इस कार्य योजना में कानूनी बदलाव और प्रशासनिक सुधार शामिल थे।
भारत का आरोप – पाकिस्तान अब भी आतंकवाद का समर्थन करता है
भारत का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों, खासकर भारत को निशाना बनाने वाले समूहों, के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है। नई दिल्ली का आरोप है कि FATF की प्रतिबद्धताओं के बावजूद पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देना जारी रखता है।
भारत को उम्मीद है कि नए सबूतों के आधार पर FATF पाकिस्तान को एक बार फिर बढ़ी हुई निगरानी (ग्रे लिस्ट) के तहत रखने का फैसला करेगा।पहलगाम हमला भारत के मामले को और मजबूत करता है
भारत का यह कदम पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद उठाया जा रहा है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी। यह हमला हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में नागरिकों को निशाना बनाने वाले सबसे घातक हमलों में से एक था।
भारतीय अधिकारियों का मानना है कि यह हमला इस बात का और प्रमाण है कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन जारी रखे हुए है।
FATF में भारत की भूमिका और मजबूत हुई
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब भारतीय अधिकारी विवेक अग्रवाल FATF के उपाध्यक्ष बने हैं। उनकी नियुक्ति से अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था में भारत की आवाज और मजबूत हुई है, खासकर आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ कड़े कदमों की मांग को लेकर।
FATF की ग्रे लिस्ट क्या है?
FATF दो निगरानी सूचियां रखता है। ग्रे लिस्ट में उन देशों को शामिल किया जाता है, जिन पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग), आतंकवाद के वित्तपोषण और प्रसार वित्तपोषण से निपटने में कमजोरियों के कारण बढ़ी हुई निगरानी रखी जाती है।
वहीं, ब्लैक लिस्ट में उन देशों को रखा जाता है जिन्हें उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार माना जाता है और जिनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक कड़े कदम उठाए जाते हैं।
ग्रे लिस्ट में शामिल होने का क्या मतलब है?
ग्रे लिस्ट में शामिल देश एक तय समय सीमा के भीतर अपनी रणनीतिक कमजोरियों को दूर करने के लिए सहमत होते हैं। FATF तब तक उनकी प्रगति की बारीकी से निगरानी करता है, जब तक वे आवश्यक सुधार पूरे नहीं कर लेते।
ग्रे लिस्ट में शामिल देशों को अक्सर विदेशी निवेश आकर्षित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बनाने में भी परेशानी हो सकती है।
अब भारत FATF को यह समझाने का प्रयास करेगा कि पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहा है और उसे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी का सामना करना चाहिए।