स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने एक नाजुक शांति ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता शुरू की है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद और इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष से जुड़े तनाव इन बातचीतों की कठिन परीक्षा ले रहे हैं।
स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ताओं के दौरान क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए एक व्यापक समझौते की कोशिशें जारी हैं। इसी बीच ईरान ने कहा है कि प्रस्तावित अमेरिका-ईरान शांति ढांचे के तहत उसे कतर में रखी गई अपनी 6 अरब डॉलर की जब्त धनराशि तक दोबारा पहुंच मिल सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने वाले जहाजों पर कोई टोल या शुल्क नहीं लगाया जाएगा। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से बंद करने की घोषणा की है और युद्धविराम अवधि समाप्त होने के बाद भविष्य में संभावित समुद्री शुल्क लागू करने के संकेत भी दिए हैं।
अमेरिका और ईरान के अधिकारी स्विट्जरलैंड में तकनीकी स्तर की वार्ता करने जा रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्ष नाजुक शांति समझौते को आगे बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित प्रमुख विवादों का समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान को कतर में रखी गई 6 अरब डॉलर की जब्त हुई संपत्तियों तक चरणबद्ध तरीके से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, इस धनराशि का उपयोग केवल मानवीय जरूरतों और उन वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आती हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने विश्वास जताया है कि स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता के आगे बढ़ने के साथ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा। साथ ही, उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं की आलोचनाओं का जवाब देते हुए इस समझौते का बचाव भी किया।
अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित युद्धविराम उल्लंघनों का आरोप लगाते हुए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। साथ ही, तेहरान ने आगे और कदम उठाने की चेतावनी भी दी, हालांकि उसका वार्ता दल स्विट्जरलैंड में बातचीत फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
एक महत्वपूर्ण शांति समझौते के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी है। इसके साथ ही समुद्री मार्गों तक पहुंच फिर से बहाल हो गई है और यह व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
दक्षिणी लेबनान में इज़राइल के ताज़ा हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच शांति संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही घंटों बाद हुए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हाल ही में हस्ताक्षरित शांति समझौते का बचाव करते हुए आलोचकों को "मूर्ख" करार दिया। इस बीच तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और समझौते को लागू करने के लिए होने वाली वार्ताओं की तैयारियां शुरू हो गईं।