न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी निजी आयोजन को रद्द करने का कानूनी अधिकार शहर के पास शायद नहीं है।
ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता और जन्म पर्यटन को निशाना बनाते हुए अमेरिका में नए आव्रजन आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे गर्भवती भारतीय यात्रियों सहित कुछ आगंतुकों के लिए कड़ी जांच की संभावना बढ़ गई है।
अमेरिकी सीनेट में दोनों दलों के समर्थन वाला एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें भारत सहित रूसी तेल के प्रमुख खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर नई दिल्ली ने वॉशिंगटन पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वॉशिंगटन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की योजना पर काम कर रहा है। हालांकि, इस साल के अंत में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के दौरान यह दौरा होने की संभावना कम है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध "बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रहे हैं"। उन्होंने बताया कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं और कई उच्चस्तरीय दौरों की तैयारी कर रहे हैं। इनमें 2027 की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित भारत यात्रा भी शामिल है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, लेकिन भारत इस समझौते पर तभी हस्ताक्षर करेगा, जब यह समझौता भारत को उसके वैश्विक प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में टैरिफ में स्पष्ट बढ़त (शुल्क लाभ) की गारंटी देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 नेताओं से कहा कि स्थायी शांति केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई एक चर्चित मुलाकात ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की पृष्ठभूमि तैयार की।
एस. जयशंकर ने फिनलैंड में भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला लागत और उपलब्धता के आधार पर लिया गया था, साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों पर ऊर्जा और सुरक्षा मुद्दों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।