अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वॉशिंगटन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की योजना पर काम कर रहा है। हालांकि, इस साल के अंत में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के दौरान यह दौरा होने की संभावना कम है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध "बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रहे हैं"। उन्होंने बताया कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं और कई उच्चस्तरीय दौरों की तैयारी कर रहे हैं। इनमें 2027 की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित भारत यात्रा भी शामिल है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, लेकिन भारत इस समझौते पर तभी हस्ताक्षर करेगा, जब यह समझौता भारत को उसके वैश्विक प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में टैरिफ में स्पष्ट बढ़त (शुल्क लाभ) की गारंटी देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 नेताओं से कहा कि स्थायी शांति केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई एक चर्चित मुलाकात ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की पृष्ठभूमि तैयार की।
एस. जयशंकर ने फिनलैंड में भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला लागत और उपलब्धता के आधार पर लिया गया था, साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों पर ऊर्जा और सुरक्षा मुद्दों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। वार्ताकार अब अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए बचे हुए कुछ मुद्दों को सुलझाने पर काम कर रहे हैं।
मार्को रुबियो ने एक बार फिर अमेरिकी दावे को दोहराया कि वॉशिंगटन ने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने में मदद की थी, जबकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हासिल किया गया था।
भारत और अमेरिका एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, वार्ता का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा शेष है, जबकि दोनों देश आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।