डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। वार्ताकार अब अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए बचे हुए कुछ मुद्दों को सुलझाने पर काम कर रहे हैं।
मार्को रुबियो ने एक बार फिर अमेरिकी दावे को दोहराया कि वॉशिंगटन ने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने में मदद की थी, जबकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हासिल किया गया था।
भारत और अमेरिका एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, वार्ता का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा शेष है, जबकि दोनों देश आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी भारत यात्रा के दौरान ताजमहल का दौरा किया, जबकि वह नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बैठकों और क्वाड शिखर सम्मेलन की तैयारियों में भी शामिल रहे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारतीयों के खिलाफ की गई नस्लभेदी टिप्पणियां अमेरिकी समाज को प्रतिबिंबित नहीं करतीं और जोर देकर कहा कि आव्रजन सुधार वैश्विक हैं, भारत-विशेष नहीं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के मजबूत संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रक्षा, व्यापार तथा वैश्विक मुद्दों पर बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया।
मार्को रुबियो ने कहा कि रूसी तेल पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध भारत को लक्षित नहीं करते थे और उन्होंने वाशिंगटन तथा नई दिल्ली के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।
भारत ने एलन मस्क के मोदी–ट्रंप कॉल में शामिल होने की खबरों को खारिज किया और स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट पर यह बातचीत केवल दोनों नेताओं के बीच ही हुई थी।