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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, मार्को रुबियो ने द्विपक्षीय संबंधों को बताया बेहद मजबूत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध "बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रहे हैं"। उन्होंने बताया कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं और कई उच्चस्तरीय दौरों की तैयारी कर रहे हैं। इनमें 2027 की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित भारत यात्रा भी शामिल है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को "बेहतरीन दिशा में आगे बढ़ रहे" बताया। रुबियो ने कहा कि वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और दोनों सरकारें कई उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठकों की तैयारी कर रही हैं।

वॉशिंगटन डीसी में बोलते हुए रुबियो ने कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई हालिया मुलाकात ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में नई गति प्रदान की है।

व्यापार समझौता अंतिम चरण में

रुबियो ने कहा कि दोनों देश लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को पूरा करने के अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है। हमारे संबंध बेहद मजबूत हैं। जी7 में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति की बहुत अच्छी बैठक हुई। हम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं। अब समझौते को पूरा करने के लिए बस आखिरी कुछ कदम बाकी हैं और स्थिति बेहद सकारात्मक है। हम जल्द ही एक और क्वाड बैठक में फिर से शामिल होने की उम्मीद करते हैं। मैं भी इस वर्ष के अंत से पहले भारत आने की आशा करता हूं और अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति की भारत यात्रा की तैयारी करना चाहता हूं।"

रुबियो के इस बयान से संकेत मिलता है कि समझौते को अंतिम रूप देने से पहले अब केवल कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारी

रुबियो ने यह भी कहा कि दोनों सरकारें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 2027 की शुरुआत में भारत यात्रा की दिशा में काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा, "हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं कि अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति भारत आएं। मुझे लगता है कि यह बहुत सकारात्मक कदम होगा। भारत अमेरिका का बेहद करीबी साझेदार और सहयोगी है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच संबंध जितने मजबूत हैं, उतने शायद ही कभी रहे हों, और कूटनीति में यह बहुत महत्वपूर्ण होता है।"

प्रस्तावित यात्रा से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मोदी और ट्रंप की हालिया मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस महीने जी7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात हुई थी। बैठक के बाद ट्रंप ने मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें "गुड-लुकिंग गाइ" और "कड़े मोलभाव करने वाले (टफ नेगोशिएटर)" नेता बताया। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को "बहुत अच्छी" बताया और कहा कि वे "भविष्य में किसी समय" भारत आने की योजना बना रहे हैं।

यह मुलाकात फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी, जब ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वॉशिंगटन का दौरा किया था।

चुनौतियां अब भी बरकरार

सकारात्मक माहौल के बावजूद, हाल के महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर अधिक शुल्क (टैरिफ) लगाया और रूस से भारत द्वारा तेल आयात जारी रखने के मुद्दे पर भी कुछ कदम उठाए।

इसके अलावा, अमेरिकी नौसेना से जुड़े घटनाक्रमों के दौरान खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भी दोनों देशों के संबंधों पर दबाव देखने को मिला।

इन मतभेदों के बावजूद, भारत और अमेरिका आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं। प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को दोनों देशों की साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।