वेनेजुएला ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) से हटने की घोषणा की है। उसने न्यायालय पर भौगोलिक पक्षपात का आरोप लगाया है, जबकि ICC निकोलस मादुरो की सरकार के दौरान कथित रूप से हुए मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच जारी रखे हुए है।
अमेरिकी सीनेट में दोनों दलों के समर्थन वाला एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें भारत सहित रूसी तेल के प्रमुख खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर नई दिल्ली ने वॉशिंगटन पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से रिकॉर्ड स्तर पर तेल आपूर्ति होने की सराहना की। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को सीमित करने के उद्देश्य से चल रही वार्ताओं में प्रगति हुई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रमुख तेल प्रतिबंधों में 60 दिनों के लिए अस्थायी ढील दे दी है, जब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को देश में प्रवेश की अनुमति देने पर सहमति जताई।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज़-कैनेल ने बिगड़ते आर्थिक संकट से निपटने के लिए तत्काल आर्थिक सुधारों की मांग की है। उन्होंने बाहरी दबावों के साथ-साथ आंतरिक अक्षमताओं को भी संकट के लिए जिम्मेदार माना है, जबकि देश गंभीर वस्तु-अभाव और बढ़ती आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है।
ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईरान के तेल व्यापार से जुड़ी किसी भी संस्था या कंपनी को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वॉशिंगटन और तेहरान युद्धविराम को बढ़ाने तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं।
मार्को रुबियो ने कहा कि रूसी तेल पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध भारत को लक्षित नहीं करते थे और उन्होंने वाशिंगटन तथा नई दिल्ली के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।
अमेरिका ने उन प्रतिबंध छूटों को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है, जिनके तहत रूस और ईरान के तेल की सीमित खरीद की अनुमति दी गई थी। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत जैसे देशों पर असर पड़ सकता है।