अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति कभी नहीं देगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा हमले रोकने के बाद ईरान ने फिर से बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया। करीब दो हफ्तों तक बढ़ते संघर्ष के बाद दोनों देशों ने कूटनीति का रास्ता अपनाया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने चल रही शांति वार्ताओं के बावजूद एक-दूसरे पर नए सैन्य हमले किए, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब वाशिंगटन ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया और तेहरान ने जवाब में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
अमेरिकी सीनेट ने बेहद करीबी मतदान में एक वॉर पावर्स प्रस्ताव पारित किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सीमित करना है। नाजुक युद्धविराम वार्ताओं के बीच इस कदम ने कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते का बचाव करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों को “बहुत समझदार लोग” बताया, हार्डलाइनरों की आलोचना की जो सैन्य कार्रवाई जारी रखने के पक्ष में थे, और दावा किया कि इस समझौते ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने में मदद की।
यायर लापिड ने उभरते हुए अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना करते हुए दावा किया है कि यह इज़राइल के युद्ध उद्देश्यों को पूरा करने में विफल है और यह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पश्चिम एशिया में शांति समझौता जल्द हस्ताक्षरित हो सकता है और इससे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ फिर से खुल जाएगा, जबकि ईरान ने संकेत दिया है कि वार्ता अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकती है।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसमें ईरानी अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित न हो जाए। इस बीच परमाणु, सैन्य और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता ठप बनी हुई है।
ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईरान के तेल व्यापार से जुड़ी किसी भी संस्था या कंपनी को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वॉशिंगटन और तेहरान युद्धविराम को बढ़ाने तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्तावित युद्धविराम तथा परमाणु समझौते को मंजूरी देने पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।