सऊदी अरब कथित तौर पर यमन के हूती विद्रोहियों, इराकी मिलिशिया और ईरान से जुड़े संभावित समन्वित हमलों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद हाई अलर्ट पर है। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सऊदी अरब एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के लिए तैयारी कर रहा है।
खुफिया जानकारी में कई हमलों की चेतावनी
सऊदी के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि सऊदी अरब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ मिलकर काम कर रहे इराकी मिलिशिया द्वारा किए जाने वाले “कई समन्वित हमलों” की तैयारी कर रहा है।
अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब और कई क्षेत्रीय देशों को ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिसमें संकेत दिया गया है कि इराकी मिलिशिया “हूतियों के साथ समन्वय में” हमलों की योजना बना रहे हैं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) इन योजनाबद्ध अभियानों का मार्गदर्शन कर रही है। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी दोनों समूहों को सऊदी अरब के खिलाफ हमले करने में मदद भी कर सकती है।
सऊदी अरब ने किसी भी आक्रामकता का जवाब देने का संकल्प लिया
सऊदी अधिकारी, जिन्होंने अपनी पहचान उजागर न करने का अनुरोध किया, ने कहा कि इस खुफिया जानकारी ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब सऊदी अरब तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है और कूटनीतिक वार्ता में प्रगति होती दिखाई दे रही है।
अधिकारी ने सीएनएन से कहा, “सऊदी अरब किसी भी आक्रामकता से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।”
मक्का में शिखर सम्मेलन से सुरक्षा पर बढ़ा ध्यान
यह सुरक्षा अलर्ट सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच पवित्र शहर मक्का में होने वाले एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आया है। यह बैठक शुक्रवार से शुरू होने वाली है।
उम्मीद है कि तीनों देश इस शिखर सम्मेलन के दौरान एक संयुक्त रक्षा समझौते की घोषणा करेंगे। इस समझौते का उद्देश्य सैन्य सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा में सुधार करना है।
हालिया हमलों से बढ़ा तनाव
ताजा चेतावनी हूती विद्रोहियों के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर पर हमला करने की बात कही थी। हाल के हफ्तों में सऊदी अरब को यमन के हूतियों की ओर से कई मिसाइल हमलों का भी सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने भी सऊदी अरब के खिलाफ ड्रोन हमले किए हैं। इन घटनाओं ने क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
सऊदी अरब ने रक्षा संबंध मजबूत किए
सऊदी अरब पाकिस्तान और तुर्की के साथ अपने रक्षा सहयोग का विस्तार कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों देश एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक एकीकृत क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना है।
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन शुक्रवार को सऊदी अरब पहुंचे, जहां उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की।
शरीफ और मुनीर शिखर सम्मेलन से पहले गुरुवार को सऊदी अरब पहुंच गए थे।
रक्षा समझौता पूरा होने के करीब
एक वरिष्ठ तुर्की खुफिया सूत्र ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि तीनों देशों ने प्रस्तावित गठबंधन की सभी प्रमुख शर्तों पर सहमति बना ली है। नया समझौता सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच मौजूदा रक्षा साझेदारी पर आधारित है। इसके साथ ही यह तुर्की के साथ एक औपचारिक त्रिपक्षीय ढांचा भी तैयार करेगा।
प्रस्तावित समझौते में संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक का हस्तांतरण, रक्षा उत्पादन, खुफिया जानकारी साझा करना और सैन्य समन्वय को मजबूत करना शामिल है।
यह समझौता पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग को दर्शाता है।
