अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाले समारोह की योजनाएं कथित तौर पर रद्द कर दी गई हैं, क्योंकि अब प्रक्रिया अगले 60 दिनों के दौरान कई देशों की भागीदारी वाली तकनीकी वार्ताओं के चरण में प्रवेश कर रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पश्चिम एशिया में शांति समझौता जल्द हस्ताक्षरित हो सकता है और इससे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ फिर से खुल जाएगा, जबकि ईरान ने संकेत दिया है कि वार्ता अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकती है।
भारत ने जम्मू-कश्मीर और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर चीन–पाकिस्तान के बयानों को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं तथा इस मुद्दे पर टिप्पणी करने का अधिकार किसी अन्य देश को नहीं है।
वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि के बीच पाकिस्तान ने अपने कमजोर तेल भंडार को स्वीकार किया है, जो भारत की मजबूत ऊर्जा तैयारियों के साथ स्पष्ट अंतर को दर्शाता है।
बातचीत ठप पड़ने के बावजूद पाकिस्तान के अनुरोध पर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम अनिश्चित काल तक बढ़ा दिया, जबकि अमेरिकी नाकेबंदी और असफल वार्ताओं को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है।