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G7 फैमिली फोटो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप की ओर बढ़ाया मदद का हाथ
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई एक चर्चित मुलाकात ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की पृष्ठभूमि तैयार की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को फ्रांस में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक संक्षिप्त लेकिन काफी चर्चित मुलाकात हुई। यह पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

यह क्षण एवियां-ले-बैंस में आयोजित पारंपरिक G7 फैमिली फोटो सत्र के दौरान देखने को मिला। विश्व नेताओं और आमंत्रित साझेदार देशों के प्रतिनिधि खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के बीच बने ऊंचे मंच पर आधिकारिक समूह तस्वीर के लिए एकत्र हुए।

मोदी ने बढ़ाया मदद का हाथ

जब नेता मंच पर चढ़ रहे थे, तब नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की ओर मदद का हाथ बढ़ाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस इशारे को स्वीकार किया और पोडियम पर चढ़ गए। हालांकि यह बातचीत कुछ ही सेकंड की थी, लेकिन इसने राजनयिकों, अधिकारियों और मीडिया का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया।

कई पर्यवेक्षकों ने इसे दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक संकेत के रूप में देखा। हाल के महीनों में व्यापारिक मतभेदों और व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण दोनों देशों के संबंधों में कुछ चुनौतियां सामने आई थीं।

फोटो सत्र के दौरान मोदी और ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ खड़े थे।

नेताओं ने किया हाथ मिलाकर अभिवादन

समूह फोटो के बाद सभी नेता आउटरीच बैठक की ओर बढ़े। इस दौरान मोदी और ट्रंप ने हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की। इस मुलाकात ने भी सम्मेलन को कवर कर रहे प्रतिनिधियों और पत्रकारों का ध्यान आकर्षित किया।

इस बातचीत ने भारत और अमेरिका के बीच निरंतर संपर्क और संवाद का संकेत दिया, जो आगे होने वाली विस्तृत चर्चाओं से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुधवार को होगी द्विपक्षीय बैठक

दोनों नेता बुधवार को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह सम्मेलन के इतर होने वाली सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक होगी। भारत के विदेश मंत्रालय और व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेता कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जो दोनों देशों को प्रभावित करते हैं।

व्यापार समझौता रहेगा मुख्य एजेंडा

लंबे समय से लंबित व्यापार समझौता चर्चा का प्रमुख विषय रहेगा। भारत और अमेरिका कई वर्षों से व्यापारिक मतभेदों को दूर करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। दोनों पक्ष वार्ता के दौरान इस समझौते पर प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं।

अधिकारियों का मानना है कि सफल समझौता व्यापार, निवेश और कारोबारी अवसरों को बढ़ावा दे सकता है।

रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी होगी चर्चा

दोनों नेता रक्षा सहयोग पर भी चर्चा करेंगे। उनसे रक्षा विनिर्माण साझेदारी का विस्तार करने और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार करने की उम्मीद है।

प्रौद्योगिकी भी चर्चा का एक प्रमुख विषय होगी। दोनों देश विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।

समुद्री सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

बैठक में समुद्री सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दा रहेगी। क्षेत्र में हालिया अस्थिरता के कारण वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

भारत और अमेरिका इन महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं।

अहम बातचीत पर टिकी नजरें

G7 फोटो सत्र के दौरान हुई संक्षिप्त मुलाकात भले ही कुछ क्षणों की रही हो, लेकिन इसने भारत-अमेरिका संबंधों के महत्व को उजागर किया। व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों के एजेंडे में शामिल होने के कारण बुधवार को होने वाली बैठक दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।