अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार रात राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस भाषण में जारी संघर्ष पर एक महत्वपूर्ण अपडेट दिया जाएगा।
प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक्स पर इस संबोधन की घोषणा करते हुए लिखा, “ध्यान दें: कल रात 9 बजे (ET) राष्ट्रपति ट्रंप राष्ट्र को संबोधित करेंगे और ईरान को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट देंगे।”
TUNE IN: Tomorrow night at 9PM ET, President Trump will give an Address to the Nation to provide an important update on Iran.
— Karoline Leavitt (@PressSec) March 31, 2026
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका–इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। जनता की चिंता बढ़ रही है और हाल के जनमत सर्वेक्षणों में सैन्य अभियान को लेकर असंतोष भी बढ़ता दिख रहा है।
ईरान में अमेरिकी सैनिकों की संभावित तैनाती
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी प्रशासन ईरान में अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित करने के लिए वहां सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है।
पूर्व रक्षा अधिकारी मिक मुलरॉय ने ऐसे अभियान को इतिहास के “सबसे जटिल विशेष अभियानों में से एक” बताया। इस मिशन में संभवतः विशेष बलों को ईरानी क्षेत्र में प्रवेश कर रेडियोधर्मी सामग्री को सुरक्षित निकालना होगा।
ऐसी स्थिति में अमेरिकी सैनिकों को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा भी शामिल है।
सैन्य हमले तेज
क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां पहले ही बढ़ चुकी हैं। मंगलवार को अमेरिकी बलों ने ईरान के एक ऐसे शहर पर हमला किया जो एक प्रमुख परमाणु केंद्र से जुड़ा हुआ है।
इस्फहान न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर—जिसे पहले अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स और एक पनडुब्बी द्वारा निशाना बनाया गया था—को ईरान के समृद्ध यूरेनियम का बड़ा भंडार रखने वाला माना जाता है।
ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार किया
कूटनीतिक मोर्चे पर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने कहा कि किसी भी औपचारिक वार्ता की बात सही नहीं है।
उन्होंने कहा, “इन इकतीस दिनों में हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है।”
उन्होंने आगे कहा, “जो हुआ है वह केवल बातचीत का एक अनुरोध है, जिसमें अमेरिका की ओर से कुछ प्रस्ताव शामिल हैं। यह हमें कुछ मध्यस्थों के माध्यम से मिला है, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है।”
हालांकि इस इनकार के बावजूद अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष संवाद अब भी जारी है।
ट्रंप ने संघर्ष समाप्त होने के संकेत दिए
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान के साथ समझौता करने और संभवतः कुछ हफ्तों के भीतर संघर्ष समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “हम बहुत जल्द निकल जाएंगे,” और यह भी जोड़ा कि वापसी “दो हफ्तों में, शायद दो हफ्तों में, शायद तीन हफ्तों में” हो सकती है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि “आने वाले दिन निर्णायक होंगे।”
होरमुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी भूमिका कम हो सकती है
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अमेरिका अपनी प्रत्यक्ष भूमिका कम कर सकता है। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों को, जो ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं, अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
हालांकि ट्रंप अभी अमेरिकी बलों को “फिलहाल तुरंत” वापस बुलाने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि अन्य देशों को “आकर इसकी जिम्मेदारी संभालनी होगी।”
कुछ अमेरिकी सहयोगी देश संघर्ष जारी रहने के दौरान सैनिक भेजने को लेकर हिचकिचा रहे हैं।
स्थिति अब भी अनिश्चित
संघर्ष लगातार बदलती स्थिति में है, जहां सैन्य और कूटनीतिक दोनों घटनाक्रम एक साथ सामने आ रहे हैं। संभावित वार्ता के संकेत जरूर हैं, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
फिलहाल ध्यान ट्रंप के आगामी संबोधन पर केंद्रित है, जिससे ईरान के प्रति अमेरिका की अगली रणनीति पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
