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ईरानी संसद अध्यक्ष ग़ालिबाफ़ ने कहा कि इज़राइल के लिए अमेरिकी नीतियों ने सहयोगी देशों को खतरे में डाला
ईरान का कहना है कि कई पड़ोसी देशों ने नई सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्थाओं पर चर्चा के लिए तेहरान से संपर्क किया है। इस बीच, ग़ालिबाफ़ ने अमेरिकी नीतियों की आलोचना करते हुए एक स्वतंत्र क्षेत्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र ग़ालिबाफ़ ने शनिवार को कहा कि कई पड़ोसी देशों ने क्षेत्र में नई सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के लिए तेहरान से संपर्क किया है। ग़ालिबाफ़ ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान को “क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक सहयोग के गठन को लेकर पड़ोसी देशों से कई संदेश” प्राप्त हुए हैं। उनके अनुसार, हाल के घटनाक्रमों ने कुछ देशों को अपनी मौजूदा सुरक्षा साझेदारियों पर पुनर्विचार करने और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने के विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया है।

ग़ालिबाफ़ ने अमेरिकी नीति की आलोचना की

ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका की कड़ी आलोचना करते हुए वॉशिंगटन पर आरोप लगाया कि इज़राइल के समर्थन के कारण उसने अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। संसद के अध्यक्ष ने कहा, “इज़राइल के लिए अमेरिका ने दबाव की राजनीति और अपने सहयोगियों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करते हुए उनमें से हर एक की सुरक्षा को इस हद तक खतरे में डाल दिया कि कुछ समय के लिए उन्हें लगा कि उनका पूरा अस्तित्व ही दांव पर है।” उनकी टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि तेहरान का मानना है कि हाल के क्षेत्रीय तनावों के कारण उसके कुछ साझेदार देशों में अमेरिका की सुरक्षा भूमिका को लेकर भरोसा कमजोर हुआ है।

ईरान ने स्वतंत्र क्षेत्रीय व्यवस्था की वकालत की

ग़ालिबाफ़ ने कहा कि क्षेत्र के देश बाहरी शक्तियों पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय अपना स्वयं का सुरक्षा ढांचा विकसित करके अधिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी और स्वतंत्र व्यवस्था” शांति स्थापित करने और क्षेत्रीय स्थिरता में सुधार करने में मदद कर सकती है। ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब ईरान में मध्यमार्गी राजनीतिक आवाज़ों ने क्षेत्र में शांति और तनाव कम करने की अपनी मांग फिर से तेज कर दी है। तेहरान का संदेश यह भी दर्शाता है कि वह अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग का विस्तार करना चाहता है। हालिया बयानों से यह स्पष्ट होता है कि लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान खुद को नई क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।