बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना मंगलवार को करीब दो साल में पहली बार लाइव सार्वजनिक मीडिया उपस्थिति दर्ज कराएंगी। वह भारत से वर्चुअल माध्यम से एक अंतरराष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी। नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब (FCC) साउथ एशिया इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे IST पर सर मार्क टली ऑडिटोरियम में शुरू होगा।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 5 अगस्त 2024 को ढाका से हसीना के प्रस्थान की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर हो रही है। छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद हसीना का 15 साल लंबा प्रधानमंत्री कार्यकाल समाप्त हो गया था। बांग्लादेश अवामी लीग ने कहा कि यह कार्यक्रम संवादात्मक होगा और दुनियाभर के पत्रकारों को हसीना से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिलेगा।
बांग्लादेश वापसी की योजना पर बोल सकती हैं हसीना
आयोजकों के अनुसार, हसीना ढाका में उनके खिलाफ लंबित कानूनी मामलों के बावजूद बांग्लादेश लौटने की अपनी योजनाओं पर चर्चा कर सकती हैं। वह अपनी राजनीतिक दृष्टि और अवामी लीग के भविष्य के रोडमैप के बारे में भी जानकारी दे सकती हैं।
FCC साउथ एशिया के अध्यक्ष वाएल अव्वाद इस चर्चा का संचालन करेंगे। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के साथ लाइव सवाल-जवाब सत्र भी शामिल होगा।
अवामी लीग के वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में होंगे शामिल
अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेताओं के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। इनमें हसीना के बेटे और पूर्व ICT सलाहकार सजीब वाजेद जॉय, पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल और बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर एवं अवामी लीग सांसद शाकिब अल हसन शामिल हैं।
आयोजकों ने कहा कि 90 मिनट के इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण क्लब के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा।
बदला बांग्लादेश का राजनीतिक परिदृश्य
अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं। बाद में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2024 के विरोध प्रदर्शनों से निपटने में सरकार की भूमिका को लेकर उन्हें उनकी अनुपस्थिति में सजा सुनाई।
हसीना ने न्यायाधिकरण के अधिकार और उसके फैसले दोनों को खारिज कर दिया है। उनके जाने के बाद से बांग्लादेश में बड़े राजनीतिक बदलाव हुए हैं। एक अंतरिम प्रशासन द्वारा देश चलाए जाने के बाद फरवरी 2026 के आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सत्ता में वापस लौटी। तारिक रहमान देश के प्रधानमंत्री बने।
ढाका ने हसीना की गतिविधियों को लेकर जताई चिंता
रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश ने भारत से अनुरोध किया है कि वह निर्वासित बांग्लादेशी नेताओं को भारतीय क्षेत्र से राजनीतिक भाषण देने से रोके। ढाका ने स्थानीय मीडिया को हसीना की राजनीतिक गतिविधियों की कवरेज को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने इसे विदेशी पत्रकारों के एक स्वतंत्र संगठन द्वारा आयोजित निजी कार्यक्रम बताया है।
करीब दो साल में पहली लाइव मीडिया बातचीत
बांग्लादेश छोड़ने के बाद से हसीना सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखाई दी हैं। उन्होंने मुख्य रूप से लिखित बयानों, रिकॉर्ड किए गए ऑडियो संदेशों और कुछ प्रिंट इंटरव्यू के माध्यम से अपनी बात रखी है। मंगलवार का कार्यक्रम बांग्लादेश छोड़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ उनका पहला लाइव और संवादात्मक कार्यक्रम होगा।
अवामी लीग ने कहा कि हसीना इस मंच का उपयोग बांग्लादेश के लिए अपनी दृष्टि प्रस्तुत करने, अपने खिलाफ लगे आरोपों का जवाब देने और देश में सक्रिय राजनीति में लौटने के अपने इरादे को दोहराने के लिए करेंगी।
