अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर सैन्य हमले किए हैं। वाशिंगटन ने तेहरान पर आरोप लगाया है कि उसने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर हमला किया। सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान ने गलत फैसला किया। अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।"
हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर यह बयान देते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की घोषणा साझा की, जिसमें ताजा सैन्य अभियान की पुष्टि की गई।
अमेरिका का दावा- ईरान ने वाणिज्यिक जहाज पर किया हमला
सेंटकॉम के अनुसार, यह इस सप्ताह ईरान के खिलाफ अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई थी। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह अभियान उस घटना के बाद शुरू किया गया, जिसमें ईरान ने कथित तौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, भारतीय समयानुसार रात 7:15 बजे (ईस्टर्न टाइम) हमले शुरू किए गए। आरोप है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर खुला हमला किया।
सेंटकॉम के अनुसार, इस हमले में जहाज में आग लग गई और उसके इंजन कक्ष को गंभीर नुकसान पहुंचा। जहाज के चालक दल का एक नागरिक सदस्य अब भी लापता है, जबकि जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ हो गया।
अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि इससे पहले वाणिज्यिक जहाजों से जुड़ी घटनाओं के बाद ईरान को मौजूदा मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का पालन करने का एक और अवसर दिया गया था, लेकिन तेहरान ऐसा करने में विफल रहा।
सेंटकॉम ने कहा, "इसके जवाब में अमेरिका ईरान की उन क्षमताओं को लगातार कमजोर कर रहा है, जिनके जरिए वह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करता है।"
अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि यह अभियान कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर चलाया गया।
ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य
अमेरिकी हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान ने घोषणा की कि उसने एक बार फिर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। ईरान का दावा है कि उसकी सेना की चेतावनी स्वरूप चलाई गई एक गोली रणनीतिक जलमार्ग से कथित तौर पर अनधिकृत मार्ग से गुजर रहे एक जहाज को लगी।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि कई जहाजों ने बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अपना रास्ता नहीं बदला। उसके अनुसार, एक जहाज को चेतावनी स्वरूप गोली मारकर रोक दिया गया।
तेहरान ने यह भी घोषणा की कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य "अगली सूचना तक" बंद रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि ईरान पर और हमले हुए तो वह "क्षेत्र में मौजूद अन्य दुश्मन ठिकानों" को भी निशाना बना सकता है। ईरान की इस घोषणा के करीब एक घंटे बाद अमेरिका ने अपने ताजा सैन्य अभियान की पुष्टि की।
ईरान के प्रमुख बंदरगाहों के पास विस्फोट
अमेरिकी हमले शुरू होने के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास और सीरिक जैसे तटीय शहरों में विस्फोटों की खबर दी। ये दोनों शहर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के किनारे स्थित हैं।
सेंटकॉम के अनुसार, इस सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिसके जरिए वह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक से गुजरने वाले नागरिक जहाजों पर हमला कर सकता है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। हालिया संघर्ष से पहले दुनिया के कुल व्यापारिक तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20 प्रतिशत इसी जलमार्ग से होकर गुजरता था।
बढ़ते तनाव के बीच जारी हैं कूटनीतिक प्रयास
सैन्य तनाव बढ़ने के बावजूद ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक बातचीत जारी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि उन्होंने हाल ही में ओमान के विदेश मंत्री से मुलाकात कर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए "उपयुक्त तंत्र" पर चर्चा की।
बाद में ओमान ने भी पुष्टि की कि दोनों देशों ने इस मुद्दे पर तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।
हालांकि, इन कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद दोनों देशों के बीच ताजा सैन्य कार्रवाई ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से ही नाजुक युद्धविराम पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
इससे पहले अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि पिछले महीने हुए समझौते को आगे बढ़ाने और संघर्ष समाप्त करने के लिए चल रही वार्ता तभी सफल हो सकती है, जब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाए।