JUSZnews

NEWS WITHOUT INTERRUPTION

Subscribe
अमेरिका ने तीसरे दौर के सैन्य हमलों में ईरान के जहाज-रोधी नेटवर्क को निशाना बनाया
तेहरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद करने और कथित रूप से एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला करने के बाद अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में नए सिरे से सैन्य हमले किए।

रविवार को अमेरिका ने ईरान पर तीसरे दौर के सैन्य हमले किए। यह कार्रवाई तेहरान द्वारा एक वाणिज्यिक जहाज से जुड़ी घटना के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद की गई। ताजा सैन्य कार्रवाई वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते संघर्ष को और गंभीर बना रही है। साथ ही, पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए नाजुक युद्धविराम समझौते पर भी इसका अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

दक्षिणी ईरान में कई धमाकों की खबर

अमेरिका के ताजा सैन्य अभियान के बाद दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की सूचना मिली। ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास, सीरिक और चाबहार में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमले वाशिंगटन समयानुसार शाम 7:15 बजे (2315 GMT) शुरू हुए। अमेरिकी सेना ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह अभियान तब मंजूर किया, जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कथित तौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर खुला हमला किया।

हमलों के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान ने गलत फैसला किया। अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।"

सेंटकॉम ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनके जरिए वह रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करता है।

इससे पहले ईरान ने घोषणा की थी कि उसकी ओर से "अनधिकृत मार्ग" से गुजर रहे एक जहाज पर चेतावनी स्वरूप गोलीबारी किए जाने के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहेगा। अमेरिका पहले ही चेतावनी दे चुका था कि यदि वाणिज्यिक जहाजों पर दोबारा हमला हुआ तो सैन्य जवाब दिया जाएगा।

अमेरिका ने ईरान के जहाज-रोधी सैन्य ढांचे को बनाया निशाना

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के जहाज-रोधी सैन्य ढांचे के कई अहम हिस्से थे। इनमें शामिल हैं:

  • हवाई निगरानी रडार प्रणाली
  • मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र
  • मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग स्थल
  • सतही निगरानी रडार
  • सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-Air Missile) लॉन्चर

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ईरान की जहाज-रोधी सैन्य क्षमता के हर प्रमुख हिस्से को नुकसान पहुंचाना था। हमलों में जहाजों की निगरानी करने वाली प्रणालियों, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों, हथियार प्रक्षेपण स्थलों और उनकी सुरक्षा करने वाली वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया।

यह इस सप्ताह ईरान के खिलाफ अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई है। इससे पहले IRGC द्वारा कथित तौर पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला करने और ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा की गई थी।

कई स्थानों पर किए गए हमले

रिपोर्टों के अनुसार, हमलों का दायरा असालुयेह से बुशेहर तक फैला था। वहीं, अपुष्ट खबरों में दावा किया गया कि तेहरान के ऊपर भी ईरानी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय थी। बंदर-ए-जास्क में कम से कम 10 शक्तिशाली विस्फोटों की सूचना मिली।

अमेरिकी हमलों में असालुयेह स्थित साउथ पार्स गैस क्षेत्र के तटीय केंद्र को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। यह ईरान की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। इसके अलावा बुशेहर में भी हमलों की सूचना मिली।

यह कार्रवाई IRGC नौसेना द्वारा एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाने, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद घोषित करने और अमेरिका को जवाब देने की चुनौती देने के तुरंत बाद हुई। हमले से पहले अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी, "अगर वे जहाजों पर हमला जारी रखेंगे... तो हम भी जवाबी हमला करेंगे।"

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा तनाव का केंद्र

ताजा टकराव तब शुरू हुआ जब ईरान ने एक वाणिज्यिक जहाज से जुड़ी घटना के बाद फिर से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा की। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल तथा प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले कहा था कि पिछले महीने हुए युद्धविराम समझौते को मजबूत करने के लिए चल रही वार्ता तब तक आगे नहीं बढ़ सकती, जब तक यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहता।

वाशिंगटन चाहता था कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दे कि वाणिज्यिक जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। इसके बजाय तेहरान ने घोषणा कर दी कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अगली सूचना तक बंद रहेगा।

सैन्य तनाव के बावजूद जारी हैं कूटनीतिक प्रयास

तनाव बढ़ने के बावजूद कूटनीतिक बातचीत जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान की ओर से पेश किए गए एक प्रस्ताव के साथ ईरान लौट रहे हैं, जिसका उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को व्यवस्थित करना है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव के तहत जलमार्ग को दो अलग-अलग नौवहन गलियारों (शिपिंग कॉरिडोर) में बांटने का सुझाव दिया गया है।

योजना के अनुसार, दक्षिणी मार्ग अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रहेगा, जबकि उत्तरी मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों को ईरान की अनुमति लेनी होगी। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस मार्ग के उपयोग पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देश सैन्य कार्रवाई जारी रखते हुए भी कूटनीतिक बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।