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फीफा विश्व कप 2026: ईरान ने रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम को गोलरहित ड्रॉ पर रोका
अलीरेज़ा बेइरानवंद के शानदार गोलकीपिंग प्रदर्शन और ईरान की मजबूत रक्षापंक्ति की बदौलत टीम ने बेल्जियम के खिलाफ संघर्षपूर्ण 0-0 का ड्रॉ खेला, जिससे अंतिम मैच दिवस से पहले ग्रुप जी में नॉकआउट चरण की दौड़ पूरी तरह खुली हुई है।

ईरान ने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप जी में एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया, जब उसने लॉस एंजिलिस में बेल्जियम के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबले में 0-0 से ड्रॉ खेला। बेल्जियम ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और कई मौके बनाए, लेकिन गोलकीपर अलीरेज़ा बेइरानवंद के शानदार प्रदर्शन और ईरान की अनुशासित रक्षापंक्ति ने टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार टीमों में से एक को गोल करने से रोक दिया।

इस परिणाम के बाद ग्रुप जी अंतिम दौर के मुकाबलों से पहले पूरी तरह खुला हुआ है, क्योंकि न तो किसी टीम ने नॉकआउट चरण में जगह पक्की की है और न ही कोई टीम टूर्नामेंट से बाहर हुई है।

दबाव भरे मुकाबले का कोई विजेता नहीं निकला

दोनों टीमें अपने शुरुआती मुकाबलों में ड्रॉ खेलने के बाद दबाव में थीं। बेल्जियम को मिस्र ने 1-1 की बराबरी पर रोका था, जबकि ईरान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 का रोमांचक मुकाबला खेला था। क्वालिफिकेशन की उम्मीदें दांव पर लगी थीं, इसलिए दोनों में से कोई भी हार का जोखिम नहीं उठा सकता था।

बेल्जियम ने मैच में 68 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण रखा, 500 से अधिक पास पूरे किए और 22 शॉट लगाए। हालांकि, उसका दबदबा गोल में नहीं बदल सका। ईरान ने कम मौके बनाए, लेकिन जवाबी हमलों में वह खतरनाक दिखा और मैच का पहला गोल करने के सबसे करीब भी पहुंचा।

वीएआर ने तारेमी का गोल रद्द किया

पहले हाफ के 25वें मिनट में ईरान ने लगभग बेल्जियम को चौंका दिया था। एहसान हजसफी की शानदार फ्री-किक रणनीति ने बेल्जियम की रक्षा पंक्ति को चकमा दे दिया। इसके बाद कप्तान मेहदी तारेमी ने गोलकीपर थिबो कूर्तुआ को मात देकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया।

ईरानी खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया, लेकिन खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। वीएआर समीक्षा में तारेमी को ऑफसाइड पाया गया और गोल रद्द कर दिया गया। हालांकि स्कोर 0-0 ही रहा, लेकिन इस घटना ने बेल्जियम की रक्षापंक्ति की कमजोरी उजागर कर दी।

बेल्जियम का दबदबा, लेकिन फिनिशिंग में कमी

पूरे मैच में बेल्जियम ने खेल की गति नियंत्रित की और लंबे समय तक ईरान के हाफ में खेलता रहा। लेकिन ईरान की मजबूत और सघन रक्षापंक्ति के सामने रेड डेविल्स साफ मौके बनाने में संघर्ष करते रहे।

जब भी बेल्जियम ने रक्षा पंक्ति को भेदने में सफलता पाई, तब गोलकीपर बेइरानवंद उनके सामने दीवार बनकर खड़े रहे। उन्होंने क्रॉस, शॉट और खतरनाक मौकों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया।

बेइरानवंद ने किया टूर्नामेंट का यादगार प्रदर्शन

दूसरे हाफ में बेल्जियम ने लगातार ईरानी गोल पर हमला बोला। उसने अधिक खिलाड़ियों को आगे भेजा और दबाव बढ़ाया, लेकिन बेइरानवंद ने एक के बाद एक शानदार बचाव किए।

उन्होंने मैच में कुल सात सेव किए और कई बार नजदीकी दूरी से आए शॉट्स को रोका। उनका सबसे शानदार क्षण तब आया जब मैक्सिम डी काइपर लगभग निश्चित गोल करने वाले थे, लेकिन बेइरानवंद ने शानदार प्रतिक्रिया दिखाते हुए गेंद को बाहर कर दिया।

इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया और वह मुकाबले के नायक बनकर उभरे।

लाल कार्ड ने बदला मुकाबले का रुख

66वें मिनट में मैच ने नाटकीय मोड़ लिया। बेल्जियम के डिफेंडर नाथन नगोय ने बैकपास में गलती कर दी, जिससे मेहदी तारेमी को गोल की ओर बढ़ने का मौका मिल गया।

जब ईरानी कप्तान पेनल्टी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे, तब नगोय ने उन्हें गिरा दिया। रेफरी ने तुरंत सीधा लाल कार्ड दिखाया और बेल्जियम को बाकी मैच के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। अचानक ईरान को संख्यात्मक बढ़त मिल गई और उसके पास जीत हासिल करने का मौका था।

अतिरिक्त खिलाड़ी होने के बावजूद संयमित रहा ईरान

करीब 25 मिनट तक एक खिलाड़ी अधिक होने के बावजूद ईरान ने जल्दबाजी नहीं दिखाई। उसने उसी अनुशासित रणनीति को जारी रखा, जिसने पूरे मैच में उसे मजबूती दी थी।

रक्षा पंक्ति मजबूत बनी रही, जबकि बेल्जियम 10 खिलाड़ियों के बावजूद संघर्ष करता रहा। अंतिम मिनटों में दोनों टीमें निर्णायक गोल की तलाश में रहीं, लेकिन कोई भी गतिरोध नहीं तोड़ सका।

आंकड़े कुछ और कहते हैं, नतीजा कुछ और

आंकड़े बेल्जियम के दबदबे को दर्शाते हैं। उसने ईरान के सात शॉट्स के मुकाबले 22 शॉट लगाए, सात शॉट लक्ष्य पर रहे जबकि ईरान के केवल तीन रहे। पासिंग और गेंद पर नियंत्रण में भी बेल्जियम काफी आगे रहा।

बेल्जियम के पास 68 प्रतिशत समय गेंद रही, जबकि ईरान के पास केवल 32 प्रतिशत। इसके बावजूद कोई गोल नहीं हुआ। ईरान की दृढ़ता, अनुशासित रक्षा और बेइरानवंद के शानदार प्रदर्शन ने स्कोरलाइन को बिना बदलाव के बनाए रखा।

ग्रुप जी में रोमांच बरकरार

इस ड्रॉ के बाद बेल्जियम और ईरान दोनों के दो मैचों में दो-दो अंक हो गए हैं। दूसरी ओर, मिस्र और न्यूजीलैंड अपने दूसरे मुकाबले से पहले एक-एक अंक पर हैं।

दिलचस्प बात यह है कि ग्रुप जी के अब तक खेले गए सभी मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। बेल्जियम ने मिस्र के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला, ईरान और न्यूजीलैंड का मुकाबला 2-2 से बराबरी पर छूटा और अब बेल्जियम तथा ईरान भी गोलरहित ड्रॉ पर संतुष्ट रहे।

इस तरह यह ग्रुप टूर्नामेंट के सबसे अनिश्चित समूहों में से एक बना हुआ है।

अंतिम मुकाबले तय करेंगे भविष्य

अब बेल्जियम का सामना न्यूजीलैंड से होगा और उसे पता है कि जीत से कम कोई भी परिणाम लगातार दूसरे विश्व कप में ग्रुप चरण से बाहर होने का कारण बन सकता है।वहीं, ईरान मजबूत स्थिति में है और वह मिस्र के खिलाफ उतरेगा। उसके पास अब भी अपने दम पर नॉकआउट चरण में पहुंचने का मौका है।

बेल्जियम के लिए यह मुकाबला निराशा, चूके हुए मौकों और बेकार गए दबदबे के रूप में याद किया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान के लिए यह दृढ़ संकल्प, अनुशासन और अलीरेज़ा बेइरानवंद के शानदार गोलकीपिंग प्रदर्शन की कहानी रही, जिसने दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक के खिलाफ उसे बहुमूल्य अंक दिलाया। अब एक दौर के मुकाबले बाकी हैं और ग्रुप जी में नॉकआउट चरण की दौड़ बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है।