नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड ने अपने फीफा वर्ल्ड कप डेब्यू को यादगार बनाते हुए दो शानदार गोल दागे, जिससे नॉर्वे ने मंगलवार को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप I मुकाबले में इराक को 4-1 से हरा दिया। मैनचेस्टर सिटी के इस स्ट्राइकर ने टीम की अगुआई करते हुए 28 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटी नॉर्वे को शानदार जीत दिलाई।
25 वर्षीय हालांड दुनिया के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड खिलाड़ियों में से एक के रूप में वर्ल्ड कप में पहुंचे थे। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। 1998 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही नॉर्वे की टीम ने अपने स्टार खिलाड़ी की बदौलत विजयी शुरुआत की।
धीमी शुरुआत के बाद हालांड का पहला गोल
मैच की शुरुआत दोनों टीमों ने सावधानी के साथ की। हालांड शुरुआती मिनटों में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और उनका एक हेडर बार के ऊपर चला गया। हालांकि, 29वें मिनट में उन्हें पहला बड़ा मौका मिला और उन्होंने उसे गोल में बदल दिया।
डेविड मोलर वोल्फे ने बाएं छोर से एक शानदार लो क्रॉस दिया, जिस पर हालांड ने दूर वाले पोस्ट पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल उनकी बेहतरीन पोजिशनिंग और टाइमिंग का शानदार उदाहरण था।
यह गोल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव भी साबित हुआ। यह उनके सीनियर अंतरराष्ट्रीय करियर का 56 मैचों में 51वां गोल था, जो उनकी शानदार गोल स्कोरिंग क्षमता को दर्शाता है।
इराक की शानदार वापसी और ऐतिहासिक बराबरी
इराक ने गोल खाने के बाद मजबूत जवाब दिया और 10 मिनट बाद बराबरी हासिल कर ली। आयमन हुसैन ने शानदार हेडर के जरिए गोल दागा, जो वर्ल्ड कप इतिहास में इराक का सिर्फ दूसरा गोल और 40 वर्षों में पहला वर्ल्ड कप गोल था।
इस गोल ने कुछ समय के लिए मैच का रुख बदल दिया, लेकिन नॉर्वे शांत रही और लगातार आक्रमण करती रही।
हाफ टाइम से पहले हालांड का दूसरा वार
पहले हाफ के समाप्त होने से ठीक पहले हालांड ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने जैद तहसीन के ढीले बैक पास का फायदा उठाया, गोलकीपर जलाल हसन से पहले गेंद तक पहुंचे और आसानी से गोल कर दिया।
इराक की इस गलती ने नॉर्वे को फिर से बढ़त दिला दी और हालांड के दूसरे गोल की बदौलत टीम 2-1 की बढ़त के साथ हाफ टाइम में गई।
दूसरे हाफ में नॉर्वे का दबदबा
दूसरे हाफ में खेल की रफ्तार कुछ धीमी हो गई और मुकाबला पहले हाफ जितना तेज नहीं रहा। नॉर्वे ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मैच को अपने हिसाब से चलाया।
76वें मिनट में सब्स्टीट्यूट लियो ओस्टिगार्ड ने मार्टिन ओडेगार्ड के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाकर स्कोर 3-1 कर दिया।
हालांड के पास हैट्रिक पूरी करने के भी मौके आए, लेकिन वे उन्हें गोल में नहीं बदल सके। मैच के अंतिम क्षणों में उनका एक शॉट जलाल हसन ने बचा लिया।
इंजरी टाइम में आत्मघाती गोल से जीत हुई पक्की
स्टॉपेज टाइम में नॉर्वे को चौथा गोल कुछ किस्मत के सहारे मिला। हालांड के जोरदार हेडर से इराकी डिफेंस में भ्रम की स्थिति पैदा हुई और आयमन हुसैन ने अनजाने में गेंद को अपने ही गोल में पहुंचा दिया।
इस आत्मघाती गोल ने नॉर्वे की 4-1 की शानदार जीत पर मुहर लगा दी और टीम ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की बेहतरीन शुरुआत की।
इस जीत के साथ नॉर्वे गोल अंतर के आधार पर ग्रुप I में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। इसी ग्रुप के दूसरे मुकाबले में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया था।
मैच के प्रमुख क्षण
इराक ने शुरुआती दबाव बनाया, लेकिन 29वें मिनट में हालांड ने नॉर्वे को बढ़त दिलाई। आयमन हुसैन ने इराक के लिए बराबरी का गोल किया, लेकिन हाफ टाइम से पहले हालांड ने दूसरा गोल कर फिर से बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में लियो ओस्टिगार्ड ने तीसरा गोल किया और अंत में आत्मघाती गोल ने स्कोर 4-1 कर दिया।
वर्ल्ड कप में हालांड का शानदार आगाज़
एरलिंग हालांड ने एक बार फिर साबित किया कि वे किसी भी प्रतियोगिता में तुरंत प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। चाहे घरेलू लीग हो, यूईएफए चैंपियंस लीग हो या अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल, वे शुरुआत से ही अपनी छाप छोड़ते हैं।
पूरे मैच में सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने दो गोल किए और एक अन्य गोल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोल के सामने उनकी सटीकता और प्रभावशीलता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
गोल्डन बूट की दौड़ शुरू हो चुकी है और हालांड ने शुरुआती दौर में ही मजबूत दावा पेश कर दिया है। यदि वह इसी फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो वह मिरोस्लाव क्लोज़े के लंबे समय से कायम वर्ल्ड कप गोल रिकॉर्ड के और करीब पहुंच सकते हैं।
