श्रम और नियामक विवादों को लेकर कई महीनों तक तनावपूर्ण संबंधों के बाद नाइजर की सैन्य-नेतृत्व वाली सरकार ने तेल उत्पादन बढ़ाने और बुनियादी निर्यात ढांचे को मजबूत करने के लिए चीनी कंपनियों के साथ कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन समझौतों पर सोमवार को नियामे में आयोजित एक समारोह के दौरान आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें नाइजर के प्रधानमंत्री अली महामाने लामिने ज़ेने भी मौजूद थे।
नाइजर ने बड़े तेल परियोजनाओं को फिर शुरू किया
समझौते के प्रमुख हिस्सों में से एक डिंगा डीप और अबोलो-योगो तेल परियोजनाओं को दोबारा शुरू करना है, जिसमें 1 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। विदेश मंत्री बकारी याओ सांगारे ने कहा कि ये परियोजनाएं आने वाले वर्षों में नाइजर के तेल उत्पादन को काफी बढ़ाएंगी।
उन्होंने टेलीविजन पर प्रसारित समारोह के दौरान कहा, “ये हमारी उत्पादन क्षमता को 1,10,000 बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2029 के अंत तक 1,45,000 बैरल प्रतिदिन कर देंगी।”
चीनी कंपनियां 2011 से नाइजर के तेल उद्योग में सक्रिय रही हैं और देश के ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं।
पाइपलाइन निर्यात लागत में बड़ी कटौती
सांगारे ने निर्यात पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए कच्चे तेल के परिवहन खर्च में बड़ी कटौती की भी घोषणा की। तेल परिवहन की लागत 27 डॉलर प्रति बैरल से घटाकर 15 डॉलर प्रति बैरल कर दी गई है। मंत्री के अनुसार, इस कटौती से नाइजर को हर साल 10.6 करोड़ डॉलर से अधिक की बचत हो सकती है।
नए समझौतों के तहत नाइजर ने वेस्ट अफ्रीकन ऑयल पाइपलाइन कंपनी में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है, जो चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन की एक सहायक कंपनी है। यह कंपनी उस प्रमुख निर्यात पाइपलाइन का प्रबंधन करती है जो नाइजर को पड़ोसी देश बेनिन से जोड़ती है।
प्राकृतिक संसाधनों पर अधिक नियंत्रण चाहता है नाइजर
जुलाई 2023 में तख्तापलट के बाद सत्ता में आई नाइजर की सैन्य सरकार बार-बार देश के प्राकृतिक संसाधनों, खासकर तेल और यूरेनियम, पर अधिक नियंत्रण स्थापित करने का वादा करती रही है। हाल के महीनों में नियामे और चीन के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे, क्योंकि नाइजर ने चीनी कंपनियों पर राष्ट्रीय श्रम कानूनों का पालन न करने का आरोप लगाया था।
पिछले वर्ष अधिकारियों ने सीएनपीसी और उसकी सहायक कंपनियों से जुड़े तीन अधिकारियों और कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया था।
समझौतों में रोजगार और स्थानीय व्यवसायों को समर्थन भी शामिल
नवीनतम समझौते रोजगार के अवसर और स्थानीय व्यवसायों को समर्थन देने पर भी केंद्रित हैं। सांगारे ने कहा कि इन परियोजनाओं से 2030 तक लगभग 450 नाइजर नागरिकों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि उप-ठेके के अवसर मुख्य रूप से स्थानीय कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे। मंत्री ने बताया कि इन समझौतों का उद्देश्य विदेशी कर्मचारियों और स्थानीय कर्मचारियों के वेतन के बीच बड़े अंतर को कम करना भी है।
बताया गया है कि इन समझौतों के लिए बातचीत जून 2025 में चीन में शुरू हुई थी।
